शिवराज कैबिनेट बैठक के 5 बड़े फैसले, बिजली उपभोक्ताओं- किसानों को मिलेगा लाभ, इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

15 अगस्त 2020 तक गैर पंजीकृत साहूकारों द्वारा दिए गए ऋण और ब्याज की राशि माफ की जाएगी। वही चल या अचल संपत्ति गिरवी रखी है तो उसे भी मुक्त करना होगा।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज मंगलवार 25 मई 2022 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) की अध्यक्षता में अहम शिवराज कैबिनेट बैठक (Shivraj Cabinet Meeting Today) सम्पन्न हई है।इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव (Proposal) पर चर्चा की गई और फिर मंजूरी दी गई। आगामी नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव से पहले यह बैठक अहम मानी जा रही है, क्योंकि संभावना जताई जा रही है कि एक जून के बाद कभी भी आचार संहिता लगाई जा रही है और चुनावों की तारीख का ऐलान किया जा सकता है।

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कैबिनेट बैठक की ब्रीफिंग करते हुए गृह मंत्री नरोत्त्तम मिश्रा ने बताया कि सरकार ने मध्य प्रदेश ग्रामीण (सीमांत व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक) ऋण विमुक्ति विधेयक-2022 का प्रारूप अनुमोदन किया है।इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के जिन छोटे किसान और भूमिहीन कृषि श्रमिक, जिन्होंने गैर पंजीकृत साहूकारों से 15 अगस्त 2020 तक ऋण लिया है, वह ब्याज समेत पूरा माफ किया जाएगा।

खास बात ये है कि अनुसूचित क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को गैर पंजीकृत साहूकारों के ऋण से मुक्ति दिलाने के लिए अधिनियम में संशोधन के बाद अब शिवराज सरकार गैर अनुसूचित जनजाति वर्ग के छोटे किसान (दो हेक्टेयर से कम भूमिधारक) और कृषि मजदूरों के लिए यह प्रविधान कियाहै।

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इसमें प्रावधान किया गया है कि 15 अगस्त 2020 तक गैर पंजीकृत साहूकारों द्वारा दिए गए ऋण और ब्याज की राशि माफ की जाएगी। वही चल या अचल संपत्ति गिरवी रखी है तो उसे भी मुक्त करना होगा। इसके बाद किसानों से कोई राशि नहीं वसूली जाएगी ।अगर ऐसा होता है तो 3 वर्ष का कारावास या 1 लाख रुपये जुर्माने लगाया जाएगा।इसके अलावा सिविल न्यायालय में इससे जुड़े मामले भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

इन प्रस्तावों को भी मिलेगी मंजूरी

  • इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तर्ज पर मध्य प्रदेश के अस्पतालों में नई व्यवस्था करने की गई है।इसके लिए कैबिनेट बैठक में अस्पताल प्रबंधन संवर्ग के निर्माण की अनुमति दी गई।
  • इसके तहत प्रदेश के अस्पतालों में दो अलग अलग कैडर बनाए जाएंगे जिसमें पहला क्लीनिक कैडर होगा, इसमें मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर होंगे।दूसरा एडमिनिस्ट्रेटिव कैडर होगा, जो अस्पताल के प्रबंधन का काम देखेगा।
  • शिवराज कैबिनेट बैठक में प्रबंधको की भर्ती मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग (MPPSC) से की जाएगी।प्रबंधकों में खासतौर पर ऐसी भर्तियां की जाएंगी, जिनकी हॉस्पिटल मैनेजमेंट में विशेषज्ञता होगी।
  • राजस्व मंडल में अब निर्णय पीठ द्वारा किए जाएंगे। इसके लिए सरकार भू राजस्व संहिता में संशोधन के लिए अध्यादेश लाएगी।
  • बिजली उपभोक्ताओं को रियायती दर पर दी जाने वाली बिजली के एवज में विद्युत वितरण कंपनियों को सरकार 22 हजार करोड़ रुपये का अनुदान वर्ष 2022-23 में देगी। इसके लिए प्रथम अनुपूरक बजट में प्रविधान किया जाएगा।
  •  3 साल में बिजली उपभोक्ताओं के मीटर स्मार्ट मीटर में तब्दील किए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार की योजना को मध्य प्रदेश में लागू करने की मंजूरी दी गई। चिन्हित क्षेत्रों में प्रीपेड मीटर भी लगाए जाएंगे।
  • मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर तीन पुरस्कार दिए जाएंगे। इसमें मध्य प्रदेश गौरव सम्मान, मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार टीम और मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार शामिल है।
  • किसानों की फसलों का सर्वे सेटेलाइट के द्वारा होगा।
  • 12 सौ करोड़ की मनासा सिंचाई उद्वहन योजना को कैबिनेट की स्वीकृति।
  • बिजली में लगभग 16000 करोड रुपए की सब्सिडी।
  • स्वास्थ्य विभाग में 4 संवर्गो के निर्माण को कैबिनेट की स्वीकृति।

बता दे कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में डॉक्टरों के 8900 पद स्वीकृत हैं।इनमें 5186 पद भरे जा चुके हैं और 4000 डॉक्टरों के पद भरे जाने है। मौजूदा समय में 25 फीसदी पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के खाली पदों को भरे जाने की प्रक्रिया जारी है, जबकि 75 प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है,ऐसे में राज्य सरकार अब नई व्यवस्था लागू करने जा रही है।