विदेशों में गेहूं निर्यात कर MP ने बनाया शानदार रिकॉर्ड, किसानों-व्यापारियों को मिलेगा आर्थिक लाभ

साथ ही मंडी शुल्क में छूट देकर बंदरगाहों पर से उपलब्ध करवाने की व्यवस्था भी करवाई जा रही है। जिससे प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखा जाएगा।

MP FARMERS

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के गेहूं के निर्यात (MP Wheat Export) की तेजी बढ़ गई है। अब तक ढाई लाख टन गेहूं का निर्यात (export of wheat) किया जा चुका है। अन्य राज्यों के बंदरगाहों (ports) से कई देशों में भी भेजा गया है। बता दे कि सबसे अधिक 97887 टन गेहूं इंदौर से निर्यात किए गए हैं। इसके अलावा गेहूं निर्यात में जबलपुर, छिंदवाड़ा, हरिद्वार, उज्जैन सहित दतिया जिले का भी रिकॉर्ड शानदार है। वहीं मध्यप्रदेश के गेहूं निर्यात में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। बांग्लादेश, इंडोनेशिया, श्रीलंका, वियतनाम, संयुक्त अरब अमीरात सहित फिलीपींस और जिंबाब्वे सहित कई देशों में कुल पौने दो लाख 10 कृषि उपज और उत्पाद निर्यात किए गए। जिसमें 127000 टन चावल भी निर्यात किया गया है।

बता दे कि शिवराज सरकार द्वारा निर्यात बढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम शिवराज से इसकी निगरानी कर रहे हैं। वहीं 100% निर्यात की स्थिति की समीक्षा बैठक भी ली जा रही है। प्रतिदिन निर्यातक और व्यापारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था बनाई जा रही है। अब तक टन गेहूं के निर्यात हो चुके हैं। मध्य प्रदेश की गेहूं की मांग विदेशों में भी देखने को मिल रही है।

इसका सबसे ज्यादा फायदा किसानों के साथ व्यापारी वर्ग को हो रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो अब तक बड़ी कंपनियां वीडियो से गेहूं खरीद के अपने स्तर पर निर्यात करती थी लेकिन पहली बार सरकार अपने स्तर पर से प्रोत्साहित करते हुए निर्यात कर रही है। साथ ही मंडी शुल्क में छूट देकर बंदरगाहों पर से उपलब्ध करवाने की व्यवस्था भी करवाई जा रही है। जिससे प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखा जाएगा।

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वहीं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह की मानें तो निर्यात के लिए विभिन्न कंपनियों ने दो हजार से ज्यादा रेलवे ट्रैक के मांग पत्र भेजे हैं। जिम्बाबे, दक्षिण अफ्रीका के आयोजकों को गेहूं के लागत पत्र भी भेज दिए गए हैं। इसके लिए सरकार ने निर्यातकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जा रही।

हेल्पलाइन नंबर 1800 233 347 जारी किया गया। जिस पर फोन करने के बाद एक्सपोर्ट, लाइसेंस और अन्य जानकारियां प्राप्त की जा सकेगी। वहीं अधिकारियों का कहना है कि निर्यातकों को सही प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। मध्य प्रदेश के प्रोडक्ट विदेशों में अपनी पहचान बना रहे हैं। इसके साथ ही साथ मध्यप्रदेश के गेहूं और चावल को सर्वाधिक रूप से निर्यात किया गया है।

वर्तमान में, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं की मंडी कीमतें 2,015 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी से 8-10% अधिक है। मध्य प्रदेश द्वारा खरीदे गए गेहूं से मंडी करों और अन्य शुल्कों को समाप्त करने जैसे प्रोत्साहनों की घोषणा की थी। एमपी राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने रविवार तक 0.9 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। वहीँ पिछले वर्ष की समान अवधि में 1.7 मीट्रिक टन खरीदा गया था।