ओरछा, मयंक दुबे। मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में गरीबो के हक पर डाका डालते हुए शासन की योजना को पलीता लगाया जा रहा है। मामला निवाड़ी जिले के चंदवानी इलाके में मनरेगा के तहत जनपद पंचायत के द्वारा बनवाए गए कूपो (कुँए) का है। जहाँ मजदूरों से नही बल्कि LNT मशीनों से कुँए को खुदवाया जा रहा है। शासन की शासन के नियमानुसार इस योजना के तहत इन्हें मजदूरों के द्वारा खोदा जाना था। ताकि गरीब मजदूर को रोजगार मिल सके।

लेकिन जल्द भ्रष्टाचार के पैसों की बंदरबांट और नए भ्रष्टाचार की तैयारी के चलते गरीबो की मजदूरी पर डाका डालते हुए यह पूरे काम LNT मशीनों से कराए जा रहे। सूत्र बताते है कि भ्रष्टाचार की यह कहानी ऐसी है कि, कूप खोदने के सर्वे से ही शुरु हो जाती है। पहले तो किसान के कुआं खोदने के सर्वे के नाम पर इंजीनियर सुविधा शुल्क लेता है और फिर जिस किसान के खेत मे यह सर्वे अपने फाइनल स्वरूप में पहुँचता है। उसे हिस्से का फाइनल पेमेंट भी देना होता और काम शुरू हो जाता है। इस सुविधा शुल्क के पैमाने पर जो किसान खरे नही उतर पाते, उन्हें अपात्र घोषित कर दिया जाता है या उसके काम को पेंडिंग में डाल दिया जाता है।

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पंचायत से कोडिंग हो गई इस्टीमेट लेकिन अब भी पेंडिंग में

चंदवानी निवासी आनंद शर्मा ने आरोप लगाया है कि मनरेगा के तहत उनके खेत पर कुँए खोदे जाने के लिए उनके द्वारा एप्लाई किया गया था। पंचायत से कोडिंग एस्टीमेट सब तैयार हो गया लेकिन सब इंजीनियर के द्वारा उनसे इसकी एवज में सुविधा शुल्क की मांग की गई। जो वह देने में असमर्थ थे। इसलिए आज दिनांक तक वह कूप खनन के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे है और उनसे बाद में जिन लोगो ने अप्लाई किया गया है। उनके कुँए खुद गए है। भले ही वह मजदूरों से नही एलएनटी मशीन से खोदे गए हो।

निवाड़ी जिले में मनरेगा के तहत पहले कुँए का एस्टीमेट बनवाने के एवज में भ्रष्टाचार का आरोप और फिर इन्हें खोदने के लिए मजदूरों की जगह LNT की तस्वीरे थोड़ी नही, पूरी दाल ही काली होने की तरह इशारा करती है। देखना होगा वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले पर जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही करते है।