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Sun, Dec 7, 2025

शादी होते ही चिप्स का पैकेट लेकर भागता दूल्हा हुआ कैमरे में कैद, बाराती-घराती आए आमने सामने, वीडियो वायरल

Written by:Ankita Chourdia
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह का अंत अव्यवस्था और लूटपाट के साथ हुआ। कार्यक्रम खत्म होते ही खाने-पीने का सामान लूटने की होड़ मच गई, जिसमें एक दूल्हा भी चिप्स का पैकेट लेकर भागता हुआ कैमरे में कैद हो गया।
शादी होते ही चिप्स का पैकेट लेकर भागता दूल्हा हुआ कैमरे में कैद, बाराती-घराती आए आमने सामने, वीडियो वायरल

हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में आयोजित एक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह उस वक्त शर्मसार हो गया, जब कार्यक्रम की समाप्ति के बाद खाने-पीने के सामान की लूट मच गई। इस अफरातफरी के बीच एक नवविवाहित दूल्हे का चिप्स का पैकेट लेकर भागते हुए वीडियो सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह घटना हमीरपुर के राठ कस्बे स्थित बीएनवी इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम की है। समारोह में 380 से अधिक जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों की शादी धूमधाम से कराना था, लेकिन अधिकारियों की कथित अनदेखी के कारण यह एक अव्यवस्थित घटना में तब्दील हो गया।

समारोह खत्म होते ही मची लूट

जानकारी के अनुसार, जैसे ही विवाह की रस्में पूरी हुईं और कार्यक्रम समाप्ति की ओर बढ़ा, वहां मौजूद लोगों में सामान लूटने की होड़ मच गई। वर और कन्या पक्ष के लोग खाने-पीने के पैकेट, पानी की बोतलें और अन्य सामान उठाने के लिए एक-दूसरे पर टूट पड़े। इस दौरान जमकर धक्का-मुक्की हुई और मैदान में अफरातफरी का माहौल बन गया।

चिप्स लेकर भागता दूल्हा हुआ कैमरे में कैद

इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला दृश्य वह था जब अपनी शादी के जोड़े में एक दूल्हा खुद चिप्स का एक पैकेट लेकर भीड़ से भागता हुआ दिखाई दिया। किसी ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो को साझा कर प्रशासनिक व्यवस्था पर तंज कस रहे हैं। यह दृश्य समारोह में फैली अव्यवस्था की भयावहता को दर्शाता है।

क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है?

इस सामूहिक विवाह समारोह में बड़े पैमाने पर अव्यवस्था फैलने का मुख्य कारण प्रशासनिक लापरवाही को माना जा रहा है। आरोप है कि अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने और सामान के व्यवस्थित वितरण का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया था। इसी का नतीजा था कि सैकड़ों लोगों की मौजूदगी वाला यह मांगलिक कार्यक्रम लूट के मैदान में बदल गया और सरकार की एक अच्छी योजना की किरकिरी हो गई।