KAMAL NATH

भोपाल|

मध्य प्रदेश की सियासत अपने चरम पर पहुंच चुकी है। प्रदेश की बदलती राजनीति में हर पल कुछ नया देखने को मिल रहा है।जहां सरकार राज्यसभा की चुनाव से पहले विधायकों को एकजुट करने में जुट गई है। वही एक हफ्ता बीत जाने के बावजूद लापता तीन कांग्रेस विधायकों का पता नही चल पाया है। हालांकि सरकार द्वारा लगातार इन विधायकों की खोजबीन जारी है। वही वित्तमंत्री तरुण भनोट ने बीजेपी से सवाल किया है बीजेपी बताए उनके तीन विधायकों को कहां छुपाकर रखा गया है।माना जा रहा है कि अगर राज्यसभा चुनाव और बजट सत्र से पहले विधायकों का पता नही चल सका तो सरकार के लिए मुश्किलें खडी हो सकती है। संख्याबल और फ्लोर टेस्ट में सरकार को बड़ा झटका लग सकता है। ऐसे में सरकार के अस्थिर होने की संभावना प्रबल है।अब देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने लापता विधायकों का पता कब और कैसे लगाती है।

दरअसल, बीते दिनों कांग्रेस, सपा-बसपा समेत कई विधायक अचानक गायब हो गए थे, कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाए थे।इसके बाद सपा, बसपा और निर्दलीय विधायक तो सामने आ गए लेकिन अब भी तीन कांग्रेस के विधायकों बिसाहू लाल सिंह, रघुराज कंसाना और हरदीप सिंह डंग का पता नही चल सका है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस के लापता हुए तीनों विधायक बेंगलुरु के किसी रिसोर्ट में हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कमलनाथ सरकार में वित्तमंत्री तरुण भनोट ने बीजेपी से मिसिंग विधायकों की जानकारी मांगी है। भनोट ने कहा कि भाजपा नेताओं को हमारे बंदी बनाए गए विधायकों का पता बताना चाहिए।

बजट सत्र और राज्यसभा चुनाव से पहले लापता विधायकों ने बढाई सरकार की मुश्किलें

सरकार इन तीनों विधायकों को तलाश कर रही है, चुंकी कुछ ही दिनों में बजट सत्र और राज्यसभा चुनाव होना है, जहां विधायकों की बहुत जरुरत होगी।सरकार को डर है कि बजट सत्र के दौरान अगर बीजेपी फ्लोर टेस्ट की मांग करती है तो उनके तीन विधायक कम है वही राज्यसभा चुनाव में भी संख्याबल साबित करने में मुश्किल होगी।क्योकि 13 मार्च को राज्यसभा की 3 सीटों के लिए नामांकन का आखिरी दिन है। यानी जो कुछ बड़ा होना है वह 13 मार्च तक हो जाएगा। इसके बाद कुछ बड़े परिणाम आने की उम्मीद की जा रही है। इधर शनिवार की शाम दिल्ली गए निर्दलीय विधायक शेरा रविवार दोपहर मुंबई पहुंच गए हैं।