MP के कर्मचारियों के समर्थन में उतरे कमलनाथ, केंद्र के समान DA और वेतनवृद्धि की मांग

शिवराज सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  एक तरफ मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कर्मचारी  (Government Employees) केंद्र के समान महंगाई भत्ते (DA) की मांग को लेकर लामबंद हो गए है और शिवराज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन की चेतावनी दे रहे है। वही दूसरी तरफ कर्मचारियों को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को तत्काल महंगाई भत्ते व वेतन वृद्धि का लाभ देने की मांग की है।

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) को पत्र में लिखा है कि  केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता 28 प्रतिशत दिया जा रहा है, जबकि प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता अभी भी 12 प्रतिशत ही दिया जा रहा है।  यानि प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की अपेक्षा 16 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता मिल रहा है,  इसलिए हमारी सरकार से मांग है कि प्रदेश के कर्मचारियों को भी केंद्र के समान ही डीए दिया जाए।

कमलनाथ ने लिखा है कि जब प्रदेश में हमारी सरकार थी, तब हमने 5 फीसदी मंहगाई भत्ता बढ़ाया था, लेकिन इसे निरस्त कर दिया गया था, मार्च, 2020 के बाद से आपकी सरकार  (Shivraj Government)  द्वारा कर्मचारियों के हित में कोई मंहगाई भत्ता स्वीकृत नहीं किया गया है, इसलिए मेरी  मांग है कि कर्मचारियों को 28 प्रतिशत डीए और 2 वर्ष की वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। क्योंकि  प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि भी दो साल से रुकी हुई है,  इसलिए मंहगाई को देखते हुए उनकी वेतन भी तत्काल बढ़ाया जाए।

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दरअसल, हाल ही में मोदी सरकार (Modi Government) द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों (7th Pay Commission) का महंगाई भत्ता (DA) को 17% से बढ़ाकर 28% कर दिया गया है।इसके तहत 1 जुलाई 2021 से महंगाई भत्ते (DA)का लाभ देश के 48 लाख 34 हजार केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख 26 हजार पेंशनर्स को मिलेगा। इस फैसले के बाद से ही छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश में भी केंद्र के समान डीए बढ़ाने की मांग उठने लगी है। चुंकी MP में 2 साल से करीब 14 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते का लाभ नहीं दिया है, ऐसे में कर्मचारियों में भी आक्रोश बढ़ने लगा है।

कांग्रेस विधायक भी कर चुके है मांग

हाल ही में कर्मचारियों के समर्थन में मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह (Congress MLA Jaivardhan Singh) ने भी ट्वीट (Tweet) कर लिखा था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य सरकार के कर्मचारियों का DA बढ़ाया था, लेकिन खरीदी हुई शिवराज सरकार  ने उसे रद्द कर दिया, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के इस निर्णय से राज्य के कर्मचारियों को केंद्र के कर्मचारियों से 16% कम DA मिल रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी मध्य प्रदेश के कर्मचारियों का DA बढ़ाकर उन्हें उनका हक़ दीजिये।

मानसून सत्र से पहले कर्मचारियों को मिल सकता है तोहफा

सुत्रों की मानें तो आगामी चुनावों,  कर्मचारियों की बढ़ती नाराजगी और मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे को देखते हुए शिवराज सरकार मध्य प्रदेश विधानसभा (MP Legislative Assembly) के मानसून सत्र (Monsoon session 2021) से पहले कर्मचारियों को 2 वेतनवृद्धि की सौगात दे सकती है, इसके लिए मंत्रालय स्तर पर तैयारियां भी जोरों पर है। इससे करीब 80 करोड़ सालाना का अतिरिक्त भार आएगा। अगर ऐसा हुआ तो कर्मचारियों की आय में अच्छी खासी वृद्धि होगी।वही महंगाई भत्ते पर भी फैसला लिया जा सकता है,  जिससे 1250 करोड़ रुपये सालाना खर्च करने पड़ेंगे।

ये है सरकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगें-

-1 जुलाई 2020 और 1 जुलाई 2021 को देय वेतन वृद्धि एरियर सहित तत्काल दी जाए।
-महंगाई भत्ते में केंद्र समान के अनुरूप वृद्धि की जाए।
-भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा और कोषालय सेवा की तरह मंत्रालय कर्मचारियों को भी हर 8 साल में उच्च पद पर क्रमोन्नति देने संबंधी प्रावधान किए जाएं।
-मुख्यमंत्री कर्मचारी बीमा योजना को तत्काल लागू किया जाए।
– सरकारी सेवा में सीधी भर्ती से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए परिवीक्षा अवधि में स्टाइपेंड के रूप में वेतनमान के न्यूनतम का प्रथम वर्ष में 70 फीसदी, दूसरे वर्ष में 80 फीसदी और तीसरे वर्ष में 90 फीसदी दिये जाने संबंधी व्यवस्था को खत्म कर पहले की तरह नियुक्ति पर पूर्ण वेतनमान दिए जाने और 3 साल की परिवीक्षा अवधि को संशोधित कर पहले की तरह 2 वर्ष किया जाए।

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