सीएम शिवराज की बड़ी घोषणा- हर महीने मनाया जाएगा रोजगार दिवस, अधिकारियों को मिले बैकलॉग के पदों पर नियुक्ति के निर्देश

सीएम शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश अकेला ऐसा राज्य होगा जहाँ कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बहुत कम अवधि में 5 लाख 26 हज़ार युवाओं को रोजगार दिया गया है।

MP CORONA

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। देशभर में स्वामी विवेकानंद (Swami vivekanand) की जयंती को नेशनल यूथ डे (National youth Day) के रूप में मनाया जा रहा है। इसी बीच मध्य प्रदेश में CM Shivraj द्वारा रोजगार दिवस (Employment Day) के मौके पर मध्य प्रदेश के युवाओं (MP Youth) के लिए बड़ी घोषणा की गई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में युवा महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। रोजगार आज एक प्रमुख आवश्यकता है वहीं बीते दो महीनों में सवा 5 लाख युवाओं को विभिन्न योजनाओं के तहत रोजगार और वित्तीय सहायता प्रदान की गई है इसके साथ ही आत्मनिर्भर बनने की दिशा में युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान किए गए हैं।

सीएम शिवराज ने कहा कि प्रति महीने 1 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ने और आर्थिक उन्नयन का लाभ देने के लक्ष्य के मुकाबले इसमें दोगुनी उपलब्धि हासिल हुई है जबकि प्रति महीने ढाई लाख लोगों को लाभान्वित करने में मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ी सफलता हासिल की है। नेशनल यूथ डे (National youth Day) पर बड़ी घोषणा करते हुए CM Shivraj ने कहा कि अब हर महीने रोजगार दिवस के रूप में मनाया जाएगा और हमारे नौजवानों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार मिले इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।

सीएम शिवराज ने कहा कि आज स्वामीविवेकानंद जयंती पर स्वामी जी के इस कथन से प्रेरणा लेना चाहिए कि- “मनुष्य यदि निश्चय कर ले और रास्ता बना ले तो कोई कार्य असंभव नहीं है।” स्वामी जी का वास्तविक नाम नरेन्द्र था, भारत के लिए भविष्यवाणी करते हुए उन्होंने कहा था कि आने वाली सदी भारत की होगी। सीएम शिवराज ने कहा कि आज एक और नरेन्द्र (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) के नेतृत्व में भारत वैभवशाली और गौरवशाली राष्ट्र बनकर विश्व गुरू के रूप में पहचान बना रहा है। सीएम शिवराज ने जमशेद जी टाटा की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि वे छोटे से कार्य को प्रारंभ कर इतने बड़े उद्योगपति बने। मजबूत संकल्प से युवा अपने कार्य क्षेत्र में अवश्य सफल होंगे।

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दो माह में सवा पाँच लाख को योजनाओं में मिला लाभ

साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। 15 नवंबर 2021 से 12 जनवरी 2022 के बीच मध्य प्रदेश में 526510 युवाओं को लाभान्वित किया गया है। इस दौरान ऐसी शिक्षा की नीव रखी गई, जो उनके रोजगार सहायक हुई है। वहीं नई शिक्षा नीति में भी संपूर्ण भारत निर्माण की कल्पना की गई है। कक्षा छठवीं से व्यवसायिक शिक्षा के प्रावधान में आत्मनिर्भर युवाओं की छवि स्पष्ट होती है। सीएम शिवराज ने कहा कि युवाओं के हाथ में कौशल है तो उन्हें जीविका मिलेगी। यह बहुत आवश्यक है। मध्यप्रदेश में नौजवान अब नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे हैं। यह युवा सच में नया इतिहास रच सकते हैं।

किस योजना से कितना लाभ

  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में 3 लाख 87 हजार 55 हितग्राहियों को 2,97 करोड़ रूपये।
  • पीएम स्वनिधि योजना में 57 हजार 125 हितग्राहियों को 71 करोड़ रूपये।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में 691 समूहों और 12 हजार 156 बहनों को 192 करोड़ रूपये।
  • राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में 1602 हितग्राहियों को 20 करोड़ रूपये।
  • मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना में 63 हजार 764 हितग्राहियों को 63 करोड़ रूपये।
  • प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में 4 हजार 117 हितग्राहियों को 107 करोड़ रूपये।

कोरोना काल में भी प्रदेश में निवेश

कोरोना काल में आर्थिक क्षति के बावजूद मध्य प्रदेश में निवेश में वृद्धि देखी गई है। CM शिवराज ने कहा कि कोरोना काल के दौरान भी प्रदेश में निवेश आया है टेक्सटाइल उद्योग सहित कई उद्योगों में कलेक्टर बनाए गए हैं। सस्ती जमीन और अन्य सुविधाओं का लाभ स्थापित कर इकाइयों की स्थापना की गई है। वही इन इकाइयों के स्थापना से लोकल को वोकल बनाने सहित युवाओं को रोजगार देने में बड़ा लाभ मिला है। सीहोर बुधनी के लकड़ी के कलात्मक खिलौने, भोपाल के बटुए, जनजातीय बहुल जिलों से कोदो-कुटकी सहित अन्य उत्पाद लोकप्रिय हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी लोकल उत्पाद को वोकल बनाने का आव्हान कर चुके हैं।

महिलाओं का सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नयन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्व सहायता समूह की महिलाओं को ग्रामीण आजीविका मिशन के 12 लाख बहनों को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के लिए 2000 करोड़ रुपए की क्रेडिट लिंकेज का लाभ दिया गया है। मध्य प्रदेश के लिए यह उपलब्धि ऐतिहासिक है।

बेकलॉग के पदों की पूर्ति और अन्य विभागों में पदों के लिए चयन प्रक्रिया

सीएम शिवराज ने बताया कि प्रदेश में बेकलॉग के पदों की पूर्ति और नवीन पदों पर नियुक्तियों के लिए चयन प्रक्रिया चल रही है। आयुष चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, सहायक, कौशल प्रशिक्षण अधिकारी, जेल प्रहरी, उप यंत्री के पदों के साथ ही सहकारिता और अन्य विभाग में पदों पर चयन के लिए कार्यवाही की जा रही है।

विभिन्न क्षेत्रों से रोजगार सृजन और आर्थिक उन्नयन के प्रयास

सीएम शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में सहकारिता, कृषि, खनिज और पर्यटन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है। मध्यप्रदेश का प्रसिद्ध शरबती गेहूं एमपी व्हीट के नाम से दुनिया में लोकप्रिय है। “एक जिला-एक उत्पाद” में सभी जिले के उत्पादों का चयन कर उनके अधिक से अधिक विक्रय के प्रयास किए जा रहे हैं। वनों से समृद्धि हासिल करने के प्रयास हो रहे हैं। देवारण्य योजना का क्रियान्वयन हो रहा है। वनोत्पाद की प्रोसेसिंग के पश्चात औषधि निर्माण के कार्य को बढ़ाया जा रहा है।

सीएम शिवराज ने कहा कि मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना में कई जनजातियों को लाभ दिया गया। स्थानीय युवाओं को खाद्यान्न वितरण का दायित्व सौंपा गया है। 89 जनजातीय विकास खंडों में स्थानीय युवाओं को इस योजना में शामिल कर कार्यरत किया गया है। साथ ही कुसुम योजना में सोलर पैनल की स्थापना से आर्थिक उन्नयन के मार्ग भी प्रशस्त हुए हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर भी फोकस किया गया है। साथ ही ग्रामीण और शहरी आजीविका योजनाओं से युवा लाभान्वित हो रहे हैं।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि मध्यप्रदेश को आत्म-निर्भर बनाने के लिये सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग आगामी 2 साल में 30 लाख रोजगार सृजित करेगा। मध्यप्रदेश में क्लस्टर आधारित उद्योगों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है और इसी दिशा में इंदौर में फर्नीचर क्लस्टर 500 एकड़ भूमि पर प्रारम्भ किया गया है। इस क्लस्टर से 20 हज़ार युवाओं को सीधे और 30 हज़ार को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। भोपाल सहित ग्वालियर, नीमच और बैतूल में 4 फर्नीचर क्लस्टर का विकास किया जा रहा है।

सीएम शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश अकेला ऐसा राज्य होगा जहाँ कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बहुत कम अवधि में 5 लाख 26 हज़ार युवाओं को रोजगार दिया गया है। प्रदेश में खिलौना क्लस्टर के विकास में तेजी से काम चल रहा है। इस क्लस्टर में अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियों ने भी रुचि दिखाई है। इसके लिए 30 तकनीकी लब से करारनामा किया गया है, जिससे नव उद्यमियों को तकनीकी कौशल उपलब्ध हो सके। विभिन्न जिलों में जल्दी ही सेमिनार आयोजित कर इन उद्यमियों को सपोर्ट किया जाएगा। स्टार्ट अप पॉलिसी को भी जल्द ही अंतिम रूप देंगे।

हितग्राहियों को हितलाभ वितरण

सीएम शिवराज ने विभिन्न योजना के हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान कर उनसे संवाद भी किया। इनमें भोपाल की कौशर जहाँ, आनंद कुमार जैन, अशोक थापा, पुष्पा बाई और होशंगाबाद के शैलेष बरकुर शामिल हैं। कौशर जहाँ को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में दो लाख की राशि रेडीमेड गारमेंट व्यवसाय के लिए मिली है। विदिशा के शानू चौबे को इसी कार्यक्रम में बेल्डिंग वर्क के लिए दस लाख की राशि प्रदान की गई। इन्होंने आठ अन्य को रोजगार भी दिया है।

होशंगाबाद के शैलेष बरकुर ने साढ़े नौ लाख की प्राप्त सहायता से बिजली सामग्री का व्यवसाय शुरू किया है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से अशोक थापा ने फास्ट फूड सेंटर प्रारंभ किया है। अनिल भसमे को स्टेशनरी शॉप के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में ऋण दिया गया है। पुष्पा बाई को मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना में दस हजार की राशि प्राप्त हुई है। सीएम शिवराज ने स्व-रोजगार से जुड़ रहे सभी हितग्राहियों को भी बधाई दी।