भारत ने पाक से छीना MFN का दर्जा, पुलवामा हमले के बाद लिए गए यह 5 बड़े फैसले

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नई दिल्ली| जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 से ज्यादा जवानों की शाहदत के बाद पूरा देश आक्रोश में है| वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पडोसी मुल्क को कड़ी चेतावनी देते हुए आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सुरक्षा बालों को पूरी आजादी दे दी है| वहीं हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (सर्वाधिक तरजीही देश) का दर्जा छीन लिया है।  इस हमले को लेकर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति में फैसला लिया गया है कि पाकिस्तान से ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN) का दर्ज छीन लिया जाएगा| इससे पाकिस्तान पर असर हो सकता है। भारत अब पाकिस्तान के साथ व्यापार पर लगाम लगाएगा। भारत और पाकिस्तान के बीच सालाना 18 हजार करोड़ रुपए का कारोबार होता है। अब पाकिस्तान के लिए भारत कई तरह के सामान के लिए अपना बाजार बंद कर सकता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की भी रणनीति कूटनीति अपनाई जाएगी|  CCS की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शामिल हुए| इस बैठक में बड़े फैसले लिए गए हैं|

आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पांच बड़े फैसले किये 

1. पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया गया है. यानी अभी तक पाकिस्तान को भारत के साथ ट्रेड करने में जो छूट मिलती है, वह बंद हो जाएगी|

2. विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए सभी देशों से बात करेगा. दुनिया के सामने पाकिस्तान के आतंकपरस्ती चेहरे का पर्दाफाश किया जाएगा|

3. 1986 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद की परिभाषा बदलने के लिए जो प्रस्ताव भी दिया था. उसे पास करवाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी. इस प्रस्ताव को पास करवाने के लिए अन्य देशों पर दबाव बनाया जाएगा|

4. गृह मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को सर्वदलीय बैठक करेंगे| इस बैठक में राजनाथ सिंह पुलवामा हमले पर विपक्षी पार्टियों से विस्तार में चर्चा करेंगे|

5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आतंकवाद के खिलाफ खुली जंग छेड़ दी है. उन्होंने कहा कि आतंकवादी बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं. उन्होंने सेना को खुली छूट दी है|

क्या होता है एमएफएन

MFN यानि मोस्ट फेवर्ड नेशन एक खास दर्जा होता है। यह दर्जा व्यापार में सहयोगी राष्ट्रों को दिया जाता है। इसमें MFN राष्ट्र को भरोसा दिलाया जाता है कि उसके साथ भेदभाव रहित व्यापार किया जाएगा। मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्जे के तहत 2 देशों के बीच बिना भेदभाव के व्यापार होता है। इसका ये अर्थ किसी देश को विशेष दर्जा देना नहीं है। इसका मतलब है किसी सामान के व्यापार में किसी दूसरे देश के मुकाबले बिना भेदभाव के पाकिस्तान के साथ व्यापार होगा। जनरल एग्रीमेंट ऑन टैरिफ एंड ट्रैड में ये पहला क्लॉज है। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के नियमों के मुताबिक उसके सदस्य देश अपने व्यापारिक साझीदारों के साथ भेदभाव नहीं कर सकते हैं।  इसका मतलब केवल इतना है कि व्यापार में कोई भी देश जिसे ये दर्जा मिला हो वो किसी दूसरे देश की तुलना में घाटे में नही रहेगा। जब किसी देश को यह दर्जा दिया जाता है तो उससे उम्मीद की जाती है कि वह शुल्कों में कटौती करेगा। अलावा उन दोनों देशों के बीच कई वस्तुओं का आयात और निर्यात भी बिना किसी शुल्क के होता है। भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा 1996 में दिया था। लेकिन पाकिस्तान ने आज तक भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा नहीं दिया है।

आपको बता दें कि पुलवामा में सीआरपीएफ के 2500 जवानों को ले जा रहे एक काफिल में शामिल वाहन पर आईडी से भरी कार को एक वाहन से लड़ा दिया गया जिससे एक तेज धमाका हुआ और इसमें 40 से ज्यादा जवान शहीद और कई घायल हो गए. इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी निंदा हो रही है. अमेरिका, इजरायल, भूटान और कई देशों ने कहा है कि वह इस घड़ी में भारत के साथ हैं|