‘राजा’ के बाद अब युवराज ने चलाया ‘महाराज’ पर तीर

भोपाल।

कभी ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) के लिए सम्मान का भाव प्रकट करने वाले उनके पुराने साथी उनके खिलाफ जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। कांग्रेस (congress) के राष्ट्रीय महासचिव (national general sectretary) और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री (former chief minister) दिग्विजय सिंह (digvijay singh) ने शनिवार को एक ट्वीट ज्योतिरादित्य सिंधिया से कहा था कि उनके पुरखे उनके लिए काफी संपत्ति छोड़ गए हैं और कोरोना काल में उन्हें उस संपत्ति में से लोगों को दान देना चाहिए लेकिन सिंधिया इसके बजाय रिलायंस फाउंडेशन (reliance foundation) के आए राशन के पैकेट पर अपना नाम लिखकर लोगों में बांट रहे हैं ।अब दिग्विजय के बाद उनके विधायक (mla) पुत्र और प्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह (jayvardhan singh) ने सिंधिया पर निशाना साधा है ।

दरअसल 10 मई को 1857 में आज ही के दिन मेरठ से देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का आगाज हुआ था ।इसी को आधार बनाकर जयवर्धन ने ट्वीट किया है कि “आज ही के दिन मेरठ से देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की मशाल जलाई गई थी। वह तो एक “महाराज” की महत्वाकांक्षा आड़े आ गई थी नहीं तो मंगल पांडे ,बहादुर शाह जफर, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के अमर बलिदान ने 1857 में ही आजादी का इतिहास लिख दिया होता।” यह सीधा कटाक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया के पूर्वजों पर है जिन पर आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई laxmibai के खिलाफ अंग्रेजों का साथ दिया था। जिसके कारण लक्ष्मी बाई की मौत हो गई थी हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इस ट्वीट का कोई जवाब नहीं आया है लेकिन राजनीतिक हलकों में इस ट्वीट से सरगर्मी बढ़ गई है