मंत्रालय के बंटवारे के बाद अब बदले जाएंगे प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष भी हटेंगे

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भोपाल| भोपाल। कमलनाथ मंत्रिमंडल के सदस्यों के शपथ समाराह के चौथे विभागों को बंटवारा हो गया है। मंत्रियों के विभाग बंटते ही मंत्रालय में दो दर्जन से ज्यादा प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष एवं पुलिस में आधा सैकड़ा से अधिक तबादले होना है। मंत्रालय में होने वाले तबादले में जिन अफसरों के पास एक से ज्यादा विभागा का दायित्व हैं, उनसे अतिरिक्त विभाग वापस लिए जा सकते हैं। साथ ही लंबे समय से जमे अफसरों को भी हटाया जाएगा। 

मुख्यमंत्री कमलनाथ अभी तक 65 से ज्यादा भारतीय प्रशासनिक अफसरों के तबादला आदेश जारी कर चुके हैं। जिसमें 31 जिलों के कलेक्टर एवं 1 संभागायुक्त शामिल हैं। अब सचिवालय स्तर पर फेरबदल होना है। बताया गया कि करीब 30 से ज्यादा विभागों के प्रमुख सचिव बदले जाना है। पिछली सरकार में जो अधिकारी ज्यादा ताकतवर रहे हैं, उनके विभाग बदले जाना लगभग तय हैं। इसके साथ ही विभागाध्यक्ष भी बदले जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंत्रालय स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी कर ली है।  इस फेरबदल में ऐसे अफसरों को तवज्जो मिल सकती है जो लंबे समय से लूप लाइन में थे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सबसे पहले प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी मनु श्रीवास्तव को बड़े विभाग की जिम्मेदारी सौंपी। उन्हें वाणिज्यिकर विभाग का प्रमुख सचिव बनाया। 

पुलिस महकमे में बड़े बदलाव की संभावना 

पुलिस महकमे में भी बड़ा फेरबदल होना है। जिसमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, सागर, होशंगाबाद संभाग के आईजी एवं पुलिस अधीक्षक बदले जा सकते हैं। बताया गया कि मुख्यमंत्री 30 से ज्यादा जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बदलने के मूड में है। हालांकि वे अभी तक इस पर फैसला नहीं ले पाए हैं। बुधवार देर रात तक गृह विभाग में तबादलों को लेकर सुगबुगाहट थी, लेकिन मंत्रियों के विभाग नहीं बंटने की वजह से कोई भी तबादला आदेश नहीं निकल पाया। गृह विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने गुरूवार को मंत्रियों से चर्चा के बाद अफसरों से देर शाम तक चर्चा की। उन्होंने लंच भी मंत्रालय में ही किया। पुलिस अफसरों की तबादला सूची लगभग तैयार है। जिसे कभी भी जारी किया जा सकता है। 

सिर्फ निर्वाचन कार्य से जुड़े अफसरों के तबादले पर रोक

जिलों में फील्ड पोस्टिंग अब राज्य सरकार अपनी मर्जी से नहीं कर पाएगी। इसके लिए अब आयोग से अनुमति लेनी होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्हीएल. कान्ता राव ने बताया कि 26 दिसम्बर 2018 के बाद निर्वाचन आयोग की बिना अनुमति के निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों जैसे – जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का स्थानांतरण राज्य शासन के द्वारा नहीं किया जा सकेगा। हालांकि पुलिस एवं अन्य अधिकारियों के तबादले पर आयोग की कोई रोक नहीं है। 

जीएडी से रश्मि को हटाया

राज्य शासन ने सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी को राज्य शासन ने हटा दिया है। उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव बनाया है। जबकि जीएडी का अतिरिक्त प्रभार दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी के अवकाश पर होने की वजह से शमी के पास अतिरिक्त तौर पर था।  मुख्य सचिव बनने के बाद मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग की कार्मिक शाखा में बदलाव होगा।