कृषि मंत्री ने किसानों को दी बड़ी राहत, इस बार गेंहू से पहले शुरू हो जाएगी चने की खरीद, पंजीयन सोमवार से

कृषि मंत्री कमल पटेल ने शुक्रवार शाम अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा में बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक कर चने की खरीद पहले शुरू करने के फैसले पर मोहर लगवा ली गई है।

कृषि मंत्री कमल पटेल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने किसानों (Farmers) को बड़ी राहत दी है| इस बार गेंहू से पहले चने की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू हो जाएगी। कृषि मंत्री कमल पटेल (Agriculture Minister) के निर्देश पर सोमवार से पंजीयन (Registration) की शुरुआत हो जायेगी। कृषि मंत्री ने कहा किसानों को खरीद में विलंब के चलते अपनी उपज औने पौने दाम पर बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

कृषि मंत्री कमल पटेल ने शुक्रवार शाम अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा में बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक कर चने की खरीद पहले शुरू करने के फैसले पर मोहर लगवा ली गई है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया कि गेहूं की खरीद खाद्य विभाग करेगा जबकि चना, मसूर और सरसों की खरीद के लिए विपणन संघ को नोडल एजेंसी बनाया गया है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि रबी की फसल में गेंहू और चना प्रमुख उपज हैं, छोटे और असिंचित भूमि के किसान चना ही उगाते हैं। चने की फसल गेंहू के पहले आ जाती है लेकिन समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रक्रिया गेंहू के बाद मई- जून में शुरू होती है।

सोमवार से शुरू होगा पंजीयन
कृषि मंत्री ने कहा कि इस समय तक किसान अपनी अधिकतम उपज व्यापारियों को बेच चुके होते हैं, समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं होने से व्यापारी कम भाव पर चना खरीद लेते हैं इससे किसानों को नुकसान होता है। मंत्री कमल पटेल ने कहा कि वह खुद भी किसान है इसलिए हमने तय किया है कि इस वर्ष से चने की समर्थन मूल्य पर खरीद गेंहू से पहले शुरू कर दी जाएगी। कृषि मंत्री कमल पटेल ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं, इसके बाद चना उगाने वाले किसानों का पंजीयन सोमवार से शुरू किया जा रहा है।

किसानों को होगा फायदा
मंत्री पटेल ने बताया कि चने की खरीद समर्थन मूल्य से करीब एक हजार रुपये क्विंटल कम पर खरीदा जा रहा है, समर्थन मूल्य पर खरीदी 15 मार्च से शुरू हो जाएगी इसके बाद व्यापारियों को समर्थन मूल्य से अधिक की बोली लगा कर माल खरीदना पड़ेगा। कृषि मंत्री कमल पटेल ने पिछले वर्ष का उदाहरण देते हुए बताया कि सरसों, मसूर और चने की खरीद विलंब से शुरू हुई थी लेकिन हमने अधिकतम 15 क्विंटल की सीमा को समाप्त कर खरीद की, सरसों में भी अधिकतम 25 क्विंटल की सीमा को खत्म किया इससे मंडी में आवक बढ़ी और व्यापारियों को माल मिलना मुश्किल हो गया, मजबूरन व्यापारियों को समर्थन मूल्य से दो हजार रुपये क्विंटल अधिक देकर खरीद करना पड़ी इससे किसानों को एक हजार करोड़ रुपये का फायदा हुआ। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि चने की समर्थन मूल्य पर खरीद पहले शुरू करने से व्यापारियों को इससे अधिक दाम देकर उपज खरीदना होगी इससे किसानों को उपनी उपज का अधिकतम दाम मिलेगा। मंत्री कमल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, इस लक्ष्य को उपज का अधिकतम मूल्य दिलाकर पूरा किया जाएगा।