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भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने और अजय सिंह का नाम तय होने की अटकलों को पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने इसे सजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की फर्जी खबर का प्रचार प्रसार कैसे हुआ और किसने किया इसकी जांच होनी चाहिए। मैं इस पूरी अफवाह में कहीं था ही नहीं। न मुझे इसके बारे में मालूम है। दिल्ली में किसी दूसरे काम के लिए गया था न कि पद के लिए। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के पद की चर्चा मीडिया में आई मैं इसमें कही दूर दूर से नहीं था। प्रदेश का नेतृत्व करने के लिए राहुल गांधी तय करते हैं। जबतक कोई परिवर्तन नहीं होता तबतक कमलनाथ जी के हाथ में ही कमान है। मैं दिल्ली किसी और काम के लिए गया था। उनसे जब पूछा गया कि वह दिल्ली गए थे वहां उनकी क्या नई भूमिका पर चर्चा हुई। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मेरी भूमिका कोई और तय नहीं करेगा इसके लिए राहुल जी हैं वह जो आदेश देंगे मैं उसका पालन करूंगा। मैं पार्टी का हर आदेश का पालन करता हूं। 2014  में मुझे सोनिया जी से संदेश प्राप्त हुआ सतना से चुनाव लड़िए तो मैंने चुनाव लड़ा। 

गौरतलब है कि प्रदेश में बीते एक हफ्ते से अजय सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें चल रही थीं। सोसल मीडिया पर बधाइयों का सैलाब आ गया था। बड़े बड़े नेता बधाई देने लगे थे। इससे पहले पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी दिल्ली पहुंचे थे | जिसके बाद प्रदेश में इस बात की चर्चा जोरो पर शुरू हो गई थी कि जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष बदला जा सकता है।  अजय सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा था।  अजय सिंह फिलहाल विधान सभा सदस्य नहीं हैं। वो इस बार चुरहट से चुनाव हार गए हैं। उनके दिल्ली जाने से पहले भी उनके बंगले पर काफी हलचल देखी, सोशल मीडिया पर तो बधाइयों का दौर शुरू हो गया| इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोमवार को सभी चर्चा पर विराम लग गया है| अब संभावना है कि लोकसभा चुनाव तक कमलनाथ ही प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। इसके बाद कोई फैसला लिया जा सकता है।