मप्र में मानसून मेहरबान, उफान मार रहे नदी नाले, 24 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट

alert-next-24-hour-heavy-rain-in-madhya-pradesh-

भोपाल। प्रदेश भर में मानसून मेहरबान बना हुआ है, ज्यादातर जिलों में अच्छी बारिश का सिलसिला जारी है| गुरूवार को भी अधिकतर इलाकों में बारिश हुई है| कहीं कहीं तेज बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गई है तो वहीं ग्रामीण इलाकों का मुख्य सडकों  से संपर्क टूट गया है| गुरुवार को दिन में उमरिया में 39, रतलाम में 38, ग्वालियर में 23, धार में 13, सागर में 12, इंदौर में 6.4, गुना में 6, बैतूल और पचमढ़ी में 4, भोपाल में 2.5 मिमी. बरसात हुई। 

मौसम विभाग की माने तो आगे दो तीन दिन अच्छी बारिश के आसार है और मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है| वहीं मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान राज्‍य के 24 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया हैंं। इस संबंध में जिला कलेक्‍टरों को निर्देश जारी किए गए हैं। गुरुवार को भी लगातार छठे दिन भी प्रदेश के 80 फीसदी हिस्से में बारिश हुई।  सबसे ज्यादा दमोह में 18 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई। यहां खर्राघाट पुल डूब जाने से जबलपुर से संपर्क टूट गया और 20 गांवों में आने-जाने का रास्ता बंद हो गया। दमोह और तेंदूखेड़ा आने वाले ग्रामीणों को अब 20 किमी का चक्कर काटकर आना पड़ रहा है। बसे ज्यादा दमोह में 18 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई। यहां खर्राघाट पुल डूब जाने से जबलपुर से संपर्क टूट गया और 20 गांवों में आने-जाने का रास्ता बंद हो गया। दमोह और तेंदूखेड़ा आने वाले ग्रामीणों को अब 20 किमी का चक्कर काटकर आना पड़ रहा है। वहीं मंदसौर में बीते चौबीस घंटे में 3.3 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। यहां शिवना नदी उफान पर है। इंदौर, सागर, शिवपुरी, कोलारस समेत प्रदेश के बाकी हिस्से में भी नदी-नालों की यही स्थिति है।  इंदौर शहर में शुक्रवार अल सुबह से तेज बारिश शुरू हो गई।  आलीराजपुर के रानापुर में तीन दिन से बरसात की झडी लगी हुई है, बीते 24 घंटे मे लगभग एक इंच वर्षा (22 मिमी वर्ष) दर्ज की गई। इस तरह अभी तक कुल 301 मिमी वर्षा दर्ज हुई। जुलाई के पहले सप्ताह मे रिकार्ड तोड बरसात जारी है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अति कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी मप्र के मध्य और उससे लगे दक्षिणी उप्र पर बना हुआ है। साथ ही एक ट्रफ(द्रोणिका लाइन) उत्तर-पश्चिम राजस्थान से मप्र. में सक्रिय अति कम दबाव के क्षेत्र से दक्षिणी उप्र होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। इसके अलावा गुजरात पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से मानसून को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों स्थानों से ऊर्जा मिल रही है। इससे पूरे प्रदेश में बरसात का सिलसिला जारी है। राजधानी भोपाल समेत राजगढ़, विदिशा समेत प्रदेश के कई शहरों में दो-तीन दिन तक ऐसी ही बारिश होगी। वहीं जिन जिलों में अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई है वहां दो दिनों में गरज चमक के साथ तेज बौछार पड़ेगी| 

मंदसौर : यहां 3.3 इंच बारिश होने से शिवना नदी पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह से केवल दो फीट नीचे तक बहती रही।

नागदा में चामुंडा माता मंदिर परिसर से घुसा पानी