कांग्रेस में नियुक्तियों को लेकर घमासान, इसलिए हो रहा विरोध

भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के सरकारी कॉलेजों की जनभागीदारी समिति अध्यक्षों की पहली लिस्ट जारी करदी है। इस लिस्ट में जारी होने के बाद कांग्रेस में रार शुरू हो गई है। युवा नेता उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त किए गए कांग्रेस विधायक और पूर्व विधायकों की नियक्ति का विरोध कर रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने हाल ही में लगभग 136 कॉलेजों के लिए जनभागीदारी समितियों की सूची की घोषणा की। इनमें से 35 कांग्रेस विधायकों को अध्यक्ष बनाया गया है। कुछ ऐसे भी हैं जो विधानसभा चुनाव के समय भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे। 

इस फैसले के कारण विशेष रूप से पार्टी के छात्रसंघ-एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के विरोध का सामना करना पड़ा। छतरपुर में शिक्षा विभाग के इस फैसले के खिलाफ जमकर विरोध किया गया। युवा कांग्रेस नेताओं ने पार्टी के उचित फोरम पर इसका विरोध करना भी शुरू कर दिया है। छतरपुर में आनंद शुक्ला को उच्च शिक्षा विभाग ने अध्यक्ष बनाया है। उनके खिलाफ छत्रसाल चौक पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थानीय नेताओं का आरोप है कि विधानसा चुनाव संपन्न होने के बाद से ही आनंद शुक्ला दिखाई नहीं दिए हैं। उनकी निष्क्रियता होने के बाद भी पार्टी ने पद दे दिया। 

बालाघाट में भी विरोध शुरू

बालाघाट जिले के परसवाड़ा पीजी कॉलेज में भी कांग्रेस ने हारे हुए उम्मीदवार मधु भगत को अध्यक्ष पद दिया है। इस फैसले से बालाघाट में भी काफी नाराजगी है। इसी तरह विधायक सुनील उइके को भी बैहर के कॉलेज अध्यक्ष बनाया गया है। जिले के एक कांग्रेस नेता ने कहा, “यहां कई कॉलेज हैं, जहां गैर-कांग्रेसी मंत्री प्रदीप जायसवाल ने भाजपा के प्रति निष्ठा रखने वाले लोगों के नाम सुझाए हैं। इसी तरह से कटनी, जबलपुर, हरदा में भी विरोध देखने को मिल रहा है। युवा कांग्रेस नेताओं में आक्रोश बढ़ रहा है। 

 एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि , ‘हमने पिछले 15 सालों से कांग्रेस को जिंदा रखने के लिए राज्य भर के कॉलेजों में दांत और नाखून की लड़ाई लड़ी है। हम वे थे जिन्होंने युवाओं के बीच मोदी के खिलाफ राहुल गांधी को खड़ा किया था, इसलिए स्कूलों और कॉलेजों में नामांकित निकायों में एनएसयूआई नेताओं को जगह देने से नए कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और राज्य में कांग्रेस कैडर मजबूत होगा। ”

वरिष्ठ कांग्रेस नेताओंं ने युवा नेताओं को कॉलेज में जनभागीदारी समिति में जगह देने की वकालत भी की है। भिंड और टीकमगढ़ लोकसभा के समन्वयक दामोदर सिंह यादव ने उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शेखर को कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह ने पत्र लिख कर मांग की है। यादव ने कहा कि विधायकों को जनभागीदारी समिति में अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहिए। यह पद उनके कद के हिसाब से ठीक नहीं है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि यह पद युवा कांग्रेस नेताओं के लिए है जिन्होंने जिन रात पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर लड़ाई की और पार्टी को मज़बूत किया। यादव ने कहा कि बेहतर होता अगर दतिया पीजी कॉलेज के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष कुछ छात्र नेता होते।