कमलनाथ कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

-Approval-of-these-proposals-in-the-meeting-of-Kamal-Nath-Cabinet

भोपाल| मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली है| बैठक में एकलव्य पॉलीटेक्निक योजना के तहत प्रदेश के तीन पॉलीटेक्निक कालेजों मण्डला, झाबुआ और हरसूद में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को नि:शुल्क आवासीय शिक्षा योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया है।  योजना में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को नि:शुल्क ड्राइंग, स्टेशनरी, पुस्तकें, छात्रवृत्ति और भोजन दिया जाएगा। इस योजना को 2019-20 तक निरंतर रखने का फैसला किया गया है| 

बैठक में फैसला लिया गया है कि बड़े हुए बिजली बिलों की जांच जिला स्तर पर की जायेगी| बडे हुए बिजली के बिल की शिकायत के निराकरण के लिए कैम्प लगाकर लोकल प्रतिनिधियों को सम्मलित कर निर्णय लिया जाएगा| हर जिले में कमेटी बनाई जायेगी| कमिटी की हर माह बैठक होगी। इस कमेटी में बिजली कंपनी के अफसरों के साथ जनप्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे|  

कैबिनेट की बैठक में वन विभाग की बारहवीं पंचवर्षीय योजना में संचालित विस्तार वानिकी योजना को आगामी 2019-20 तक वित्तीय सीमा 58 करोड़ 54 लाख रूपये की निरंतरता की अनुमति दी गई है|। इसके अलावा मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग/ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड एवं मध्यप्रदेश पूर्व/मध्य/पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों की तीन निर्माणाधीन/प्रचलित परियोजनाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 और वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 2552 करोड़ 90 लाख वित्त पोषण का अनुमोदन दिया। 

इसमें मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड, जबलपुर की श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह परियोजना के लिए 510 करोड़ रूपये, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड जबलपुर की पारेषण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए 748 करोड़ 2 लाख रूपये और मध्यप्रदेश पूर्व/मध्य/पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर/भोपाल/इन्दौर की उप पारेषण एवं वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए 1294 करोड़ 88 लाख रूपये का अनुमोदन किया गया। कैबिनेट ने मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इन्दौर द्वारा आर.ई.सी. नई दिल्ली से 1200 करोड़ के मध्यम अवधि के ऋण के लिए राज्य शासन की गांरटी देने का निर्णय लिया। गारंटी के लिए मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इन्दौर द्वारा राज्य शासन को 0.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से गारंटी शुल्क का भुगतान किया जायेगा।