लेखिका अरुंधति रॉय पर क्यों बरसे पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान

भोपाल| देश भर में इस समय नागरिकता संसोधन कानून और एनआरसी को लेकर बहस छिड़ी हुई है| इस कानून के विरोध में कई तरह की बयानबाजी भी हो रही, राजनीतिक दल भी खुलकर सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं| बुधवार को मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस ने पैदल मार्च निकाला| इस बीच लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय का एक बयान विवादों में आ गया है| इस पर शिवराज ने बड़ा हमला बोलते हुए कहा है अरुंधती जी को शर्म आनी चाहिए| 

दरअसल, अरुंधति रॉय नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली यूनिवर्सिटी में जमा हुए कई यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने पहुंची थीं| मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान उन्होंने कहा ‘एनपीआर भी एनआरसी का ही हिस्सा है, एनपीआर के लिए जब सरकारी कर्मचारी जानकारी मांगने आपके घर आएं तो उन्हें अपना नाम रंगा बिल्ला-कुंगफू कुट्टला बताइए., अपने घर का पता देने के बजाए प्रधानमंत्री के घर का पता लिखवाएं’ अरुंधति रॉय ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ‘नार्थ ईस्ट में जब बाढ़ आती है तो मां अपने बच्चों को बचाने से पहले अपने नागरिकता के साथ दस्तावेजों को बचाती है, क्योंकि उसे मालूम है कि अगर कागज बाढ़ में बह गए तो फिर उसका भी यहां रहना मुश्किल हो जाएगा’|

शिवराज बोले- शर्म आनी चाहिए 

बीजेपी ने इस मुद्दे पर अरुंधति रॉय को घेरा है, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में ट्वीट किया है| उन्होंने ट्वीट कर लिखा अगर यही हमारे देश के बुद्धिजीवी है तो पहले हमें ऐसे ‘बुद्धिजीवियों’ का रजिस्टर बनाना चाहिए! वैसे उन्होंने ने अपना नाम तो बता ही दिया, साथ में ये भी बता दिया कि उन्हें कंग-फ़ू की भी जानकारी है। अरुंधती जी को शर्म आनी चाहिए! ऐसे बयान देश के साथ विश्वासघात नहीं है तो क्या है?