BJP में आते ही बदले सिंधिया समर्थक मंत्री के सुर, बोले-‘कटौती शब्द ही गलत’

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

बिजली कटौती और उसभोक्ता के कटे हुए कनेक्शन को खंबे पर चढ़कर चर्चा में रहे और भाजपा की पिछली सरकार को हर समय चुनौती देने वाले सिंधिया समर्थक प्रद्युम्न सिंह तोमर के भाजपा में आने और ऊर्जा विभाग का मंत्री बनते ही सुर बदल गए हैं। मंत्री बनने के बाद पहली बार ग्वालियर आये मंत्री तोमर से जब मीडिया ने कटौती को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि कटौती शब्द ही गलत है इसे बंद कीजिये, ये कटौती नहीं मेंटेनेंस है जो जरूरी होता है।

ऊर्जा मंत्री का पदभार ग्रहण कर गुरुवार रात पहली बार ग्वालियर आये प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रोशनी घर स्थित विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि हर घर में टिम-टिम नहीं, प्रकाश के साथ बल्व जलें, हमें इस प्रकार कार्य करना है। आपको जहां जिस सामान की आवश्यकता है आप मुझे अवगत करायें। बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बैठक में ग्वालियर महानगर के भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के मानसेवी सचिव डॉ प्रवीण अग्रवाल, चीफ इंजीनियर जी के भरदया, एसई विनोद कटारे, एसई सुनील कुमार, डीई, एई सहित बिजली विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बैठक में अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि ग्वालियर में बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कॉल सेंटर बनाया गया है। कॉल सेंटर पर आने वाली समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से किया जाये। साथ ही ट्रांसफारमर के चारों तरफ तार फेंसिग या जाली लगाई जाये जिससे अप्रिय घटना होने से बचा जा सके। इसके साथ ही अवैध कॉलोनियों का स्टीमेट बनाकर नये कनेक्शन दिये जायें और मेंटिनेंस के नाम पर बिजली कटोती ना की जाये एक बार में ही शहर के सभी फीडरों पर मेंटिनेंस किया जाये।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हैं ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि हमने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को चिंहित कर उनका सम्मान करें जिससे अन्य उपभोक्ताओं में भी बिल जमा करने का मनोबल बढ़ेगा साथ ही अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का भी सम्मान किया जाए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमे प्रयोग के तौर पर ग्वालियर में कॉल सेंटर शुरू किये हैं यदि ये प्रयोग सफल होता है तो इसे पूरे प्रदेश में लागू करेंगे। उपभोक्ताओं को मिल रहे भारी भरकम बिल के सवाल पर मंत्री ने कहा कि आप मेरे पास लेकर आइये, यदि गलत होगा तो सुधार किया जायेगा। वैसे हम जल्दी ही क्षेत्र में कैंप लगाने जा रहे हैं जिसमें बिजली कि समस्या दूर कि जायेगी। बिजली कटौती के सवाल को बीच में ही टोकते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कटौती शब्द ही गलत है इसे बंद कीजिये, ये मेंटेनेंस है जो जरूरी है। पिछले 15 महीनों में कांग्रेस सरकार ने कोई मेंटेनेंस नहीं कराया जिसे अब हमारी सरकार करा रही है इसलिए थोड़ी परेशानी है। बहरहाल यहाँ समझना होगा कि प्रद्युम्न सिंह तोमर ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे से आते हैं और कुछ समय पहले तक जब ये कांग्रेस में थे, तो इन्होंने अपनी विधानसभा में बिजली कटौती को लेकर कई बार आंदोलन किये थे। यहाँ तक कि बिल नहीं भरने वालों के कटे हुए कनेक्शन खुद खंबे पर चढ़कर जोड़े थे जिसपर इनके खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। आज भी इन्ही की विधानसभा में कांग्रेस के सुनील शर्मा जैसे कई नेता बिजली कटौती को लेकर आंदोलन चला रहे हैं लेकिन अब मंत्री बनने के बाद प्रद्युम्न सिंह तोमर को समझ आ गया कि ये कटौती नहीं मेंटेनेंस होता है।