जब सदन में मंत्री पर नाराज हो गए स्पीकर, दी यह चेतावनी

भोपाल।  मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधावर को सदन में गहमा गहमी का दौर रहा है। कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्म सिंह को सदन में चर्चा के दौरान बीच में बोलना महंगा पड़ गया। मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए चलाई गई योजना से संबंधित मामला पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रश्रकाल के दौरान उठाया| पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का आरोप था कि सरकार इस योजना को बंद कर रही है। सरकार को गरीब बच्चों का ख्याल नहीं है। जब शिवराज सदन में अपनी बात रख रहे थे तभी मंत्री तोमर अपने स्थान पर खड़े होकर बोलने लगे ।  उनके इस तरह बीच में बोलने से स्पीकर एनपी प्रजापति नाराज हो गए और उन्होंने फटकार लगा दी| 

स्पीकर ने प्रश्नकाल के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने के कारण मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को चेतावनी दी। तोमर अपने स्थान पर खड़े होकर बोलने लगे थे। अध्यक्ष ने मंत्री से शांत रहने के लिए कहा। बार बार के अनुरोध के बावजूद मंत्री शांत नहीं हुए तो अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनके चेहरे और भाषा के जो भाव हैं। वह उचित नहीं हैं। यह सदन है, कोई सभा नहीं है। यह अंतिम चेतावनी है।

दरअसल, राज्य में तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना बंद नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रश्रकाल में सदन को आश्वस्त किया कि योजना का संचालन यथावत रूप से होगा। अपनी सरकार के कार्यकाल में मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए चलाई गई इस योजना से संबंधित मामला पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रश्रकाल के दौरान उठाया था। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का आरोप था कि सरकार इस योजना को बंद कर रही है। सरकार को गरीब बच्चों का ख्याल नहीं है। श्री चौहान ने कहा कि उनके पास प्रतिदिन सैकड़ों आवेदन इस समस्या से संबंधित आते हैं। उन्होंने सदन में आवेदन की प्रतियां भी दिखाई। उन्होंने कहा कि इस योजना में विद्यार्थियों की संख्या 58 से घटकर 11 हजार रह गई है। जवाब में गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा कि वर्ष 2017-18 में यह योजना शुरू हुई थी। उसकों हमने निरंतर जारी रखा। 2017-18 में 30 हजार 197 विद्यार्थियों के एडमीशन हुए और 61,83,14,102 रूपये की राशि दी गई। मौजूदा सत्र में 35 हजार 570 छात्र-छात्राओं को 71,77,455 रूपये की राशि दी गई। जिस समय योजना शुरू की गई थी, उस वक्त भी विद्यार्थियों को द्वितीय वर्ष की पढ़ाई का लाभ मिला है। इस वर्ष 22 हजार 695 विद्यार्थियों को लाभ दिय ागया। वर्ष 2018 -19 की राशि मिलाकर 128,70,93,400 होती है।