Bhopal : विमुक्त, घुमक्कड़ तथा अर्धघुमक्कड़ जनजाति पंचायत का आयोजन, CM Shivraj ने की ये बड़ी घोषणा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मंगलवार को सीएम हाउस में विमुक्त, घुमक्कड़ तथा अर्धघुमक्कड़ जनजाति पंचायत का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी प्रतिनिधियों का सम्मान कर उन्हें संबोधित किया। इस अवसर पर सीएम ने घोषणा की कि विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के लिए अलग से मंत्रालय बनाया जाएगा, जिससे बेहतर तरीके से आपके कल्याण के कार्य किये जा सकें। बता दें कि पहली बार 2011 में पंचायत विभाग ने यह तय किया घुमन्तू और अर्द्धघुमन्तू जातियों का अलग से मंत्रालय बनेगा। इसी के साथ सीएम ने ये घोषणा भी की कि अभी इस मंत्रालय का नाम घुमक्कड़-अर्ध घुमक्कड़ है, जिसका नाम तत्काल बदलकर घुमन्तू-अर्द्धघुमन्तू जनजाति विभाग कर दिया जाएगा।

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सीएम शिवराज ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि विमुक्त, घुमक्कड़ तथा अर्धघुमक्कड़ जनजाति का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक है।उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश में तीस घुमन्तू, अर्द्धघुमन्तू और विमुक्त जातियां हैं, जिनकी सांस्कृतिक परंपरा और कला तथा शिल्प प्रतिभा आदि का अब तक कोई रेखांकन नहीं हुआ है। हमारी सरकार ने यह पहल की है, ताकि इनकी कला को संरक्षित करने के साथ प्रोत्साहित कर इसे इनकी जीविका का भी साधन बनाया जा सके। आपकी परंपराओं, जीवन मूल्यों और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए हम एक संग्रहालय भी बनाएंगे। समाज की बहन-बेटियों का सशक्तिकरण भी हम करेंगे। इनके लिए विशेष रूप से स्वसहायता समूह बनाये जाएंगे। सीएम ने कहा कि मैं अपनी पूरी शक्ति एवं सामर्थ्य के साथ अपने इन घुमन्तू, अर्द्धघुमन्तू और विमुक्त जातियों के सभी भाई-बहनों के कल्याण के लिए योजनाबद्ध प्रयास कर रहा हूं। आपके जीवन को सुखद, सरल और आनंददायी बनाने के अपने प्रयास में सफल हूंगा, इसका मुझे पूर्ण विश्वास है।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विमुक्त, घुमक्कड़ व अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति की पंचायत में विचार साझा करते हुए सीएम ने कहा कि इस यह केवल एक पंचायत नहीं है, आपके जीवन को बदलने का अभियान है। इसी के साथ उन्होने घोषणा की कि आपके बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी। आयुष्मान योजना के अंतर्गत आपके कार्ड बनाये जाएंगे जिससे गरीबों का 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजदूर और फेरीवालों का अलग से पहचान पत्र बनाने की व्यवस्था की जायेगी, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न आये। पंचायत को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई, लिखाई और दवाई का इंतजाम सरकार करेगी, ये सभी की बुनियादी जरूरत है। उन्होने कहा कि एक रुपये किलो गेहूं, चावल, नमक की योजना का अधिकांश परिवारों को लाभ मिल रहा है, लेकिन जो छूटे हैं, उनका नाम जोड़ा जायेगा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर कोई गरीब बिना जमीन के टुकड़े के नहीं रहेगा, हमारी सरकार इसके लिए संकल्पित है। मजरे-टोलों को राजस्व ग्राम बनाने की दिशा में सर्वे करके कदम बढ़ाए जाएंगे। अपराध करने पर अपराधी का नाम लिखा जाएगा, जाति का नाम नहीं लिखा जाएगा। उन्होने कहा कि आपके बच्चों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए रोजगार के लिए जो आवश्यक होगा, उसकी ट्रेनिंग की व्यवस्था की जायेगी। कुछ जातियाँ भ्रमण करती हैं, तो उनके बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती। हम तय करें कि अपने बच्चों को पढ़ाएंगे। सर्वोदय विद्यालय, ज्ञानोदय विद्यालय और एकलव्य विद्यालय सहित छात्रावास में आपके बच्चों के लिए सीटें रिज़र्व कराई जाएंगी। उन्होने कहा कि आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अब जितनी सरकारी भर्ती होंगी, उसमें आपके जितने बच्चे भाग लेंगे, उनकी ट्रेनिंग की व्यवस्था हम करेंगे। स्वरोजगार की पृथक योजना आपके लिए बनाई जाएगी। आपके कौशल और कला को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे आपकी आजीविका चले।