Lockdown : त्योहारी मौसम से पहले सरकार का बड़ा फैसला, 18 अक्टूबर तक लगाया गया लॉकडाउन

आगामी त्योहारों के मौसम के बारे में आदेश में लिखा है 31 दिसंबर तक एक के बाद एक नवरात्रि, दशहरा, मिलाद-उन-नबी / ईद-ए-मिलाद, करवा चौथ, दीवाली जैसे विभिन्न उत्सव होंगे। जिसको लेकर Lockdown का निर्णय लिया गया है

लॉकडाउन
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चंडीगढ़, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना (corona) के बढ़ते केस ने चिंता बढ़ा दी है। वहीँ त्योहारी मौसम और कोरोना केसों (corona cases) को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने रविवार को आंशिक कोरोना लॉकडाउन (partial lockdown) को 18 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया, हलाकि राज्य सरकार ने विभिन्न छूटों की अनुमति दी और साथ ही विश्वविद्यालयों को फिर से खोलने की अनुमति दी है।

हरियाणा आंशिक लॉकडाउन (lockdown) के विस्तार का आदेश मुख्य सचिव, विजयवर्धन द्वारा जारी किया गया था। विजय वर्धनराज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की हरियाणा राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष भी हैं। हालांकि प्रशासन ने शुरू में आवासीय विश्वविद्यालयों को ऑफलाइन कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दी थी, लेकिन कोरोना प्रोटोकॉल कपालं न होने की दिशा में एसओपी अपनाने के बाद ही बाद में उसने अपना आदेश वापस ले लिया।

सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को 100 प्रतिशत उपस्थिति वाले छात्रों के लिए खोलने की अनुमति है। जिसमें आवश्यक सामाजिक दूरियों के मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जाना निश्चित होगा। इसके अलावा परिसर की नियमित सफाई, कोरोना उपयुक्त व्यवहार और दिशानिर्देश स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी SOP में इंगित किए गए हैं। छात्रावास के सभी विद्यार्थियों को भी पूर्ण टीकाकरण कराने में प्राथमिकता दी जायेगी।

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रविवार शाम मुख्य सचिव ने हालांकि अपने पहले के आदेश के लिए एक “शुद्धिपत्र” जारी किया। जिसके मुताबिक राज्य में पूरी तरह से आवासीय विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया जाता है कि वे अगले आदेश तक ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करना जारी रखें।

आगामी त्योहारों के मौसम के बारे में आदेश में लिखा है 31 दिसंबर तक एक के बाद एक नवरात्रि, दशहरा, मिलाद-उन-नबी / ईद-ए-मिलाद, करवा चौथ, दीवाली जैसे विभिन्न उत्सव होंगे। वहीँ त्योहारों के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने की प्रवृत्ति हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी सभाएं, कार्यक्रम, मेले हो सकते हैं। इसलिए ये आदेश जारी किये गए हैं।