ग्वालियर। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुना शिवपुरी सांसद केपी  यादव को बड़ी राहत प्रदान की है । हाईकोर्ट ने अशोकनगर के एसडीएम द्वारा उनके जाति प्रमाण पत्र को क्रीमी लेयर का मानते हुए निरस्त करने संबंधी आदेश पर फ़िलहाल रोक लगा दी है और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर  में फिलहाल किसी भी तरह की अग्रिम करवाई नहीं किए जाने के लिए आदेश दिए हैं। दरअसल 2014 और 2019 के बीच के पी यादव की आय को लेकर एसडीएम मुंगावली ने जांच की थी और उसके बाद उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। यादव के अधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी का कहना है कि एक चुने हुए सांसद के खिलाफ जाति प्रमाण पत्र संबंधी जांच को राज्य स्तर पर गठित कमेटी ही निरस्त कर सकती है। उन्होंने एसडीएम के जांच करने के तरीके पर भी सवाल उठाए थे उनका कहना था कि 2014 में यादव ने कोई चुनाव नहीं लड़ा था इसलिए उनकी इनकम आठ लाख से कम बताई गई थी जबकि 2019 में उनकी इनकम बढ़कर 39 लाख हो गई थी ।  इसी आधार पर केपी यादव और उनके बेटे के खिलाफ एफ आई आर भी दर्ज की गई थी । हाईकोर्ट के स्थगन के बाद अब यादव को राहत मिली है और पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर  पर फिलहाल कोई भी आगे की कार्यवाही नहीं करने के भी निर्देश दिए गए हैं।