नई दिल्ली।

देश में 21 दिन के पूर्ण लॉक डाउन के बीच मोदी सरकार ने देशवासियों सहित बिजली कंपनियों के लिए अब बिजली बिल में राहत पैकेज की घोषणा की है। बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरकार ने बिजली कंपनियों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने और बिल भुगतान में देर होने पर कोई भी अतिरिक्त चार्ज ना वसूलने की हिदायत दी है। वहीं बिजली कंपनियों को भी बकाया राशि का भुगतान बाद में करने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि देश में लॉक डाउन की वजह से बिजली उपभोक्ता अगले 3 महीने तक बिल का भुगतान करने में सक्षम नहीं होंगे इसलिए कंपनियों के पास कैश की कमी हो सकती है। जिसके बाद बिजली कंपनियों को ऊर्जा मंत्रालय द्वारा ही राहत प्रदान की गई है।

केंद्र सरकार ने बिजली कंपनियों से यह भी कहा है कि बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां अपना बकाया रकम बाद में भी चुका सकती है। बकाया न चुकाए जाने पर भी कंपनियों को बिजली मिलती रहेगी। दरअसल सरकार के इस ऐलान के बाद सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन द्वारा बिजली वितरण कंपनियों पर लेट सरचार्ज सहित अन्य चार्जेज नहीं लगाए जाएंगे। जिससे न सिर्फ बिजली उपभोक्ताओं को फायदा होगा उनके साथ साथ बिजली कंपनियों को भी ग्राहकों से लेट चार्ज नहीं वसूलने पड़ेगी। अब यदि किसी कस्टमर द्वारा अपने समय पर बिल का भुगतान नहीं किया जाता है तो उस पर कोई भी अतिरिक्त चार्ज नहीं वसूला जाएगा।

गौरतलब हो कि कोरोना महामारी के फैलने के बाद सरकार ने देशवासियों के लिए कई तरह की राहत पैकेज घोषणाएं की है। साथ ही उद्योग जगत के साथ अन्य कंपनियों को भी सरकार ने राहत दी है।