MP मे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, वाट्सएप पर दिखाई जाती थी लड़कियां, ग्राहक बन पहुंची पुलिस

उज्जैन।

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में क्राइम ब्रांच की टीम ने एक सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है।पुलिस ने यहां एक मकान में दबिश देकर चार लड़कियों व चार युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरोह की सरगना वाट्सएप पर लड़कियों के फोटो भेजकर ग्राहक तलाशती थी।खास बात ये है कि इस रैकेट का खुलासा करने के लिए खुद पुलिस आरक्षक ग्राहक बनकर पहुंचे थे।पुलिस ने मौके से एक कार, ऑटो व बाइक बरामद की है। सरगना से पूछताछ की जा रही है।

दरअसल, क्राइम ब्रांच को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि  मक्सी रोड स्थित शंकरपुर क्षेत्र में शिप्रा विहार के समीप मैदान में एक निर्माणाधीन मकान में देह व्यापार हो रहा है, इसके बाद टीम ने रविवार देर शाम यहां छापेमार कार्रवाई की। एसआई प्रतिक यादव व क्राइम ब्रांच की टीम को मौके पर भेजा गया था। एक आरक्षक को ग्राहक बनाकर महिला से बात करने के लिए भेजा था। इसके बाद टीम ने छापा मार दिया।  यहां से चार महिला और ग्राहक के रूप में पहुंचे चार पुरुषों को पकड़ा है। 

हैरानी की बात ये है कि इस सेक्स रैकेट को एक मां-बेटी मिलकर चलाती थी। यह ग्राहकों को वाट्सएप पर फोटो दिखाकर बुलाती थी।इसके अलावा वह शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में मकान किराए पर लेती और थोड़े दिनों में खाली कर देती थी। शंकरपुर में सरगना ने खुद का मकान बना लिया था। इसके अलावा उसने एक ऑटो वाले को लड़कियों व लड़कों को लाने व ले जाने के लिए रख रखा था। पुलिस ने मौके से एक कार, ऑटो व बाइक बरामद की है। सरगना से पूछताछ की जा रही है। 

पुलिस ने मौके से राजस्थान व नागदा निवासी युवतियों के अलावा मुख्य सरगना व शंकरपुर की रहने वाली महिला सहित चार युवकों को पकड़ा है। पकड़ाए युवकों ने अपने नाम सुरेश पिता रामचंद्र जैन निवासी नागझिरी, ऑटो चालक घनश्याम पिता भीमा चौहान निवासी आगर, बबलू पिता गुलाबसिंह यादव निवासी विदिशा, राजेंद्र जाट बताए हैं। घनश्याम ऑटो चालक था। वह ग्राहकों व लड़कियों को लाने व ले जाने का काम करता था। इसके एवज में सरगना उसे 200 रुपए देती थी।