इस सीट पर बीजेपी को हैट्रिक की उम्मीद, कांग्रेस के सामने किला भेदने की चुनौती

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भोपाल। बुंदेलखंड की प्रमुख लोकसभा सीट टीकमगढ़ में बीजेपी प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार खटीक हैट्रिक की तलाश में हैं। वह तीसरी बार चुनावी मैदान में हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस ने इस सीट पर महिलाा उम्मीदवार किरण अहिरवार को उतारा है। परीसीमन के बाद 2009 सी ही इस सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है। पहले यह क्षेत्र खजुराहो लोकसभा में था। 

टीकमगढ़, छतरपुर और नवगठित निवाड़ी जिले में फैला टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिछले 5 वर्ष के कार्यकाल और राष्ट्रवाद को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में हैं तो वहीं कांंग्रेस पिछले विधानसभा चुनाव से उत्साहित होकर इस बार यहां अपनी जीत की संभावनाओं की किरण देख रही है। यहां हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी डॉ कुमार एवं कांग्रेस उम्मीदवार किरण अहिरवार के बीच ही है, लेकिन भाजपा के बागी व चंदला के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति के समाजवादी पार्टी से मैदान में उतरने से यहां कुछ राजनीतिक समीकरण बिगड़ने की आशंका है। डॉ कुमार इसके पहले सागर संसदीय क्षेत्र से भी तीन बार सांसद रह चुके हैं।

किसका होगा ज्यादा नुकसान

इस सीट पर सपा में शामिल हुए आरडी प्रजापति बीजेपी के नुकसान पहुंचा सकते हैं। वह, टिकट नहीं मिलने से नाराज थे और उन्होंने पार्टी छोड़ सपा ज्वाइल कर ली। कयास लगाए जा रहे हैं प्रजापति के चुनावी रण में कूदने से बीजेपी को नुकसान हो सकता है लेकिन जानकारों का कहना है कि जिस वर्ग पर उनकी पकड़ है वह कांग्रेस का परंपरागत वोटर रहा है। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस को भी इस सीट पर काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

ये हैं चुनावी मुद्दे

टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र में प्रमुख मुद्दे बुन्देलखण्ड का पिछड़ापन एवं विकास की कमी है। साथ ही बेरोजगारी एवं पलायन यहां की प्रमुख समस्या रही है। इसके बावजूद भाजपा राष्ट्रवाद को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा उम्मीदवार को बाहरी बताकर उनके 10 वर्षों के कार्यकाल का हिसाब मांगने में जुटी है। यहां जातिवाद भी एक अहम मुद्दा बन कर उभरता है।

सियासी ताना बाना

टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र में कुल 8 विधानसभायें हैं, जिनमें से चार पर भाजपा, तीन पर कांग्रेस और एक पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है इस संसदीय क्षेत्र में छह मई को मतदान होना है। यहां कुल 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 13 पुरूष व एक महिला उम्मीदवार है। इस संसदीय क्षेत्र में कुल 16 लाख 47 हजार 399 मतदाता हैं, जिनमें से 8 लाख 74 हजार 211 पुरूष व सात लाख 71 हजार 868 महिला हैं। तृतीय लिंग के 29 मतदाता हैं। पूरे संसदीय क्षेत्र में कुल दो हजार 62 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं।

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