बीजेपी प्रत्याशी की बढ़ी मुश्किलें, वापस ले सकते हैं नामांकन!

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भोपाल। झाबुआ लोकसभा सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए कांग्रेस अब प्रेशर पॉलीटिक्स का सहारा ले रही है। यहां से कांग्रस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया चुनावी मैदान में हैं उनके खिलाफ बीजेपी ने यहां से पीएचई विभाग में चीफ इंजीनियर रहे जीएस डामोर को उतारा है। कांग्रेस बीजेपी प्रत्याशी की गोलबंदी करने की कोशिश कर रही है। डामोर की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। उनपर भ्रष्टाचार का एक मामला चल रहा है जिसकी फाइल अब लोकायुक्त ने राज्य सरकार से मांगी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई से बचने के लिए डामोर पर नामांकन वापस लेने का दबाव बन रहा है।

दरअसल, डामोर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध मे उनके खिलाफ लोकायुक्त में पहले से ही केस दर्ज है। अब लोकायुक्त ने राज्य सरकार से रिकार्ड तलब कर लिया है। उनको कभी भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। ऐसी रणनीति तय की गई है जिससे डामोर फंसते दिखाई दे रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के रिटायर्ड प्रमुख अभियंता अभी झाबुआ में विधायक हैं। इन्होंने विधानसभा चुनाव में कांतिलाल भूरिया के पुत्र विक्रांत भूरिया को हराया था। अब भाजपा ने झाबुआ-रतलाम लोकसभा सीट से डामोर पर दांव लगाया है। लेकिन कांग्रेस उन्हें दबाव बनाकर मैदान से बाहर करने की रणनीति पर काम कर रही है। 

गौरतलब है कि डामोर ने पीएचई में प्रमुख अभियंता रहते हुए करोड़ों की खारीदी में भ्रष्टाचार किया था। इस मामले में उनके खिलाफ लोकायुक्त में पहले से ही केस दर्ज है। तत्कालीन भाजपा सरकार ने डामोर के इस मामले से जुड़े दस्तावेज लोकायुक्त को नहीं भेजे थे। पूर्व उपलोकायुक्त चंद्रेश भूषण ने डामोर से जुड़े दस्तावेज बुलाने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा था लेकिन शिवराज सरकार ने दस्तावेज नहीं भेजे थे। जिसकी वजह से जांच आगे नहीं बढ़ पाई थी। लेकिन अब लोकायुक्त ने दस्तावेज राज्य सरकार से मांगे हैं। जिसके बाद उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। डामोर को लोकायुक्त पूछताछ के लिए तलब कर सकती है। कार्रवाई से बचने के लिए ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि डामोर चुनावी रण छोड़ सकते हैं।