बीजेपी विधायक का दर्द, “संगठन सर्वोपरि तो बिना विश्वास में लिए कैसे बांट दिए गए पद”

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भोपाल नगर निगम में महापौर परिषद में विभागों के आवंटन को लेकर बीजेपी विधायक कृष्णा गौर खफा हैं। उनके दोनों समर्थकों ने अपनी उपेक्षा से नाराज होकर इस्तीफा दे दिया है। वहीं कृष्णा गौर का कहना है कि विभाग आवंटन संगठन को विश्वास में लेकर किया जाना चाहिए था जबकि ऐसा नहीं किया गया।

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लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भोपाल नगर निगम में महापौर परिषद में विभागों का आवंटन हो ही गया। ढाई साल बाद हुई महापौर परिषद की बैठक में सदस्यों को विभाग बांटे गए। इनमें रविंद्र यति को जल कार्य और सीवरेज, राजेश हिंगोरानी को विद्युत अभियांत्रिकी, सुषमा बबीसा को सामान्य प्रशासन, अशोक वाणी को उद्यान ,आनंद अग्रवाल को योजना एवं सूचना प्रौद्योगिकी, छाया ठाकुर को शहरी गरीबी एवं उपशमन विभाग, जीतेंद्र शुक्ला को वित्त , मनोज राठौर को यातायात एवं परिवहन विभाग, जगदीश यादव को राजस्व विभाग व आरके सिंह बघेल को स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग दिए गए। लेकिन विभागों के आवंटन के कुछ समय पश्चात ही दो एमआईसी सदस्यों जीतेंद्र शुक्ला और छाया ठाकुर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों ने अपनी सोशल मीडिया पर एक सी भाषा लिखी कि गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र को एमआईसी विभाग आवंटन में महत्व नहीं दिया गया जिससे गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के सभी कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय रहवासियों में असंतोष का माहौल है। इसलिए वे इस्तीफा दे रहे हैं।

दोनों ही पार्षद विधायक कृष्णा गौर के समर्थक माने जाते हैं और जब कृष्णा गौर से उनके इस्तीफे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विभागों का आवंटन के लिए संगठन को विश्वास में लिया जाना चाहिए था जिसका पालन नहीं किया गया और वे संगठन के सामने इस बात को जरूर उठाएंगी। कुल मिलाकर इस वाकये ने बीजेपी में चले आ रहे असंतोष को एक बार फिर सामने ला दिया है।