अशोकनगर| गुना संसदीय क्षेत्र के भाजपा सांसद डॉक्टर के पी यादव ने आज जन आक्रोश रैली के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में क्षेत्र के पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर बिना नाम लिए जमकर हमला बोला । सिंधिया पर कई सारे आरोप लगाए | सांसद यादव ने पूर्व सांसद सिंधिया से पूछा कि आगामी 17 तारीख को उनके घर शोक जताने आ रहे या उनके जख्मों पर नमक छिड़कने आ रहे है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरा कार्यक्रम में 17 तारीख को सांसद के पी यादव के निवास पर जाकर उनके पिता की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने का कार्यक्रम आया था। इस कार्यक्रम के आने के बाद भी इस मुद्दे को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो रही थी । आज के पी यादव ने मंच से पूर्व सांसद सिंधिया को अपने घर आने के आयोजन को लेकर कई तंज कसे एवं अपने घर आने के सिंधिया के फैसले पर सवाल उठाए। अमूमन सामान्य राजनैतिक  शिष्टाचार में राजनेताओं के द्वारा दूसरे राजनेताओं के घर उनके परिजनों की मृत्यु पर शोक जताने जाने का एक रिवाज है। पूर्व सांसद सिंधिया भी इस तरह लोगों के यहां जाते रहे हैं। मगर पहली बार किसी के घर जाने को लेकर इस तरह सिंधिया को पहली बार सवालो का सामना करना पड़ा है ।

जब बीमार थे तो उनके खिलाफ देते थे बयान 

बीजेपी सांसद ने मंच से सिंधिया से पूछा कि 4 महीने बाद उनके पिता की मृत्यु पर शोक जताने का यह कौन सा तरीका है ।श्री यादव ने कहा कि उनके पिता कई महीने तक दिल्ली के अस्पताल में जिंदगी एवं मौत के बीच संघर्ष करते रहे। मगर सिंधिया दिल्ली में रहते हुए कभी उनसे मिलने नहीं गए, साथ ही श्री यादव ने आरोप लगाया कि मेरे पिता जब बीमार थे तो पूर्व सांसद सिंधिया क्षेत्र में सभा कर कर उनके खिलाफ मंच से बयान देते रहे। के पी यादव ने कहा कि उनके पिता और पूरा परिवार कई वर्षों से सिंधिया परिवार की सेवा करता रहा है। उन संबंधो के बदले सिंधिया के इशारे पर उन पर एवं इनके बेटे पर एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। अब सिंधिया यह बताएं कि 4 महीने पहले हुई पिता की मृत्यु पर शोक जताने आ रहे है या प्रकरण दर्ज होने के जख्मो पर नमक छिड़कने आ रहे है।

जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर पहली बार बोले 

बीजेपी सांसद डॉ के पी यादव एवं उनके बेटे सार्थक यादव का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर पुत्र सहित उन पर एफआईआर दर्ज की गई थी । मामला दर्ज होने के बाद से सांसद सीपी यादव इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी नहीं कह रहे थे। आज जन आक्रोश रैली में उन्होंने कहा कि उनकी जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने का एसडीएम को कोई अधिकार नहीं है। अधिकारियों ने दबाव में यह सब किया है ।साथ ही उन्होंने कहा उनके और उनके बेटे पर एफ आई आर  राजनैतिक विद्वेष के तहत यह कार्रवाई की गई है। साथ ही सांसद ने मुंगावली विधायक बृजेंद्र सिंह यादव पर आरोप लगाया कि उनके बेटों को भी इसी तरह से क्रीमी लेयर का फायदा मिला है । मगर उन्होंने कभी राजनीतिक विद्वेष के तहत इस तरह की बात नहीं की। सांसद यादव ने सिंधिया पर आरोप लगाया कि उनको अपनी हार अभी भी पांच नहीं रही और इसी तरह से उनको एवं उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।