अयोध्या फैसले का श्रेय लेने की तैयारी में BJP, काट ढूंढने में जुटी कमलनाथ सरकार

भोपाल।

मोदी सरकार में पहले धारा 370 और फिर राममंदिर के निर्माण के फैसले को बीजेपी अपनी जीत के तौर पर देख रही है। अयोध्या में राममंदिर के निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद भव्य राममंदिर बनाने को लेकर अटकलें तेज हो गई है। हालांकि अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करने वाली कांग्रेस ने अब केंद्र के श्रेय लेने का जवाब तैयार कर लिया है।

दरअसल, एमपी की कमलनाथ सरकार बीजेपी के रामभक्ति के जवाब में रामधुन में रमने को तैयार दिख रही है। कमलनाथ सरकार ने भगवान राम के वनवास के चौदह साल में प्रदेश में बिताएं पलों को बड़े धार्मिक पर्य़टन तीर्थ के रुप में विकसित करने का प्लान तैयार कर लिया है।साफ्ट हिंदुत्व को मजबूत करने के लिए कांग्रेस सरकार अब 22 करोड़ रुपये खर्च कर ‘श्रीराम वन गमन पथ’ कॉरिडोर को तैय़ार करने में जुट गई है।

इसमें श्राइन बोर्ड कॉम्प्लेक्स, धर्मशालाएं, यात्रियों के लिए पैदल ट्रैक, साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा।इसके लिए कमलनाथ सरकार आगामी विधानसभा सत्र में पेश होने वाले सप्लीमेंट्री बजट में राशि का प्रावधान करने की तैयारी में है. सरकार की कोशिश है कि बीजेपी सरकार में सिर्फ कागजों में सिमटे रहे रामपथ कारिडोर को धरातल पर उतार कर अपनी साफ्ट हिंदुत्व की छवि को पेश किया जाये.