क्या चुनाव से पहले ही सिंधिया-कमलनाथ से बीजेपी ने मानी हार!

5906
BJP-sgain-set-target-to-achieve-27-loksabha-seat-in-eletion

भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। वह अब लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में उन्होंने युवा विजय संकल्प महारैली-2019 के आयोजन में शिरकत की। यहां उन्होंने महागठबंधन से लेकर प्रदेश कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोई ये न सोचे की मामा कमजोर हो गया है हम प्रदेश में एक बार फिर 27 सी���ों पर जीतेंगे। अब तक भाजपा सभी 29 सीटों पर जीत का दावा करती थी और पिछले चुनाव में भी यह दावा किया गया था, लेकिन विधानसभा चुनाव में सामने आये नतीजों के बाद अब 27 सीटें जीतने का दावे किया जा रहे है। क्यूंकि कांग्रेस के दो किले ऐसे हैं जिन्हें भेद पाना असंभव ही नजर आता है। शिवराज के बयान से भी ऐसा ही प्रतित हो रहा है कि बीजेपी ने लोकसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस सांसद सिंधिया और छिंदवाड़ा सांसद कमलनाथ से हार मान ली है। वहीं, बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी का कहना है कि हम इन दोनों सीटों पर भी जीत हासिल करेंगे।  

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश में भले सरकार बनाली हो लेकिन वह कभी भी गिर सकती है क्योंकि उनके पास पर्याप्त समर्थन नहीं है। उन्होंने कहा कि ये न सोचें कि मामा कमजोर हो गया है मैं आपको इस बात का विश्वास दिलाता हूं कि हम फिर से लोकसभा चुनव में 27 सीटें जीतेंगे। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि हम चाहते तो लंगड़ी सरकार बना सकते थे, लेकिन हमने फैसला लिया कि पूर्ण बहुमत मिलने पर ही हम सरकार बनाएंगे। दरअसल, मोदी लहर में भी कांग्रेस एमपी में दो सीट जीती थी। इनमें एक गुना लोकसभा और छिंदवाड़ा लोकसभा शामिल है। 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी  का कहना है कि है बीजेपी के पास पीएम मोदी जैसा सशक्त चेहरा है। हाल ही की घटनाओं को देखते हुए ये स्पष्ट हो गया है कि इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ेगा। इन बातों को ही ध्यान में रखते हुए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान जी ने 27 सीटों पर दोबारा जीत की बात कही है। राजनीति में हार जीत की गुंजाइश बनी रहती है। इसलिए दो सीटें छोड़ कर सभी पर विजय प्राप्त की जाएगी। इस बार संगठन की कोशिश रहेगी कि सिंधिया और कमलनाथ के गढ़ को भी ध्वस्त कर दिया जाए। 

गौरतलब है कि प्रदेश में 29 लोकसभा सीटें है। इनमें से 26 पर बीजेपी का कब्जा है। वहीं दो सीटों पर कांग्रेस को 2014 में जीत मिली थी। लेकिन 2015 में हुए उप चुनाव में झाबुआ सीट पर कांग्रेस ने दोबारा बाजी मारी थी। अब एक बार फिर बीजेपी 2014 का इतिहास दोहराना चाहती है। इसलिए 27 सीटों का टारगेट लेकर चल रही है। हालांकि, कांग्रेस भी 22 सीटों का लक्ष्य लेकर चल रही है। सिंधिया ने दिल्ली में अपने समर्थकोंं से कहा था  कि इस बार 22 सीटों का लक्ष्य लेकर चलना है। तैयारियां शुरू करदें। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here