बीजेपी में फिर साबित हुआ शिवराज का दबदबा, पार्टी ने जताया पसंद पर भरोसा

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भोपाल। मध्य प्रदेश के चुनावी रण में दोनों दल के उम्मीदवार हुंकार भर  रहे हैं। लेकिन बीजेपी में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ही दबदबा कायम रहा है। पार्टी ने उनकी पसंद के उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इस बार भाजपा को 29 में से 18 मौजूदा सांसदों के टिकट काटे पड़े। इनमें से कुछ सीटों पर 75 पार के कारण वर्तमान सांसदों को टिकट नहीं दिया गया। लेकिन टिकट बंटवारें के गणित को समझा जाए तो शिवराज का दबदबा साफ नजर आता है। शिवराज के करीबीयों को पार्टी ने टिकट दिया है। 

संघ और शिवराज की पसंद पर मुहर

विधानसभा चुनाव में बीजेपी को संघ की सलाह नज़र अंदाज करना भारी पड़ गया था। इसलिए पार्टी ने इस बार कोई रिस्क लेना नहीं चाहती थी। वहीं, शिवराज का कद बड़ने के साथ ही उनकी पसंक का भी पूरा ख्याल रखा गया है। स्थानीय स्तर पर की वर्तमान सांसदों के नामों पर भारी विरोध और कुछ नए चेहरों को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी। लेकिन फिर भी शिवराज की पसंद पर ही टिकट दिया गया है। इंदौर और विदिशा सीट पर तमाम विचार मंथन के बाद पार्टी ने शिवराज के करीबीयों को ही मैदान में उतारा। 

इन सीटों पर शिवराज की पसंद

बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवार शिवराज की पसंंद के उतारे हैं। इनमें इंदौर, विदिशा, गुना-शिवपुरी, सागर, खरगौन, रीवा, बालाघाट, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, उज्जैन, भिंड सीट शामिल है। 

इंदौर से ताई का टिकट कटने के साथ ही शंकर लालवानी के नाम पर पार्टी ने मुहर लगाई है। वह शिवराज का काफी करीबी हैं। पूर्व में वह इंदौर विकास प्रधिकरण के अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्हें अध्यक्ष बनवाने के लिए भी शिवराज की अहम भूमिका थी। विदिशा सीट से रमाकांत भार्गव भी शिवराज का काफी खास हैं। पार्टी इन सभी सीटों पर जीत का दावा कर रही है।