लोकसभा चुनाव: इन सीटों पर चेहरा बदलने के बाद भी मंडरा रहा खतरा

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भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की तीन और लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। हालांकि, अभी भी हाई प्रोफाइल सीट भोपाल और इंदौर के प्रत्याशियों का नाम इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है। लेकिन दो वर्तमान सांसदों का टिकट इस लिस्ट में काटा गया है जिसमें खरगोन सांसद सुभाष पटेल और बालाघाट से ढाल सिंह बिसेन को टिकट दिया गया है. यहां से सिटिंग सांसद बोध सिंह भगत का टिकट काट दिया गया है। 

क्यों काटा गया सांंसद सुभाष का टिकट

खरगोन लोकसभा सीट पर बीजेपी का राह इस बार आसान नहीं है। यहां से पार्टी ने गजेन्द्र पटेल को टिकट दिया है। अंदरखाने की खबर है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़वानी और खरगोन में बढ़त मिली है। मोदी लहर में बीजेपी को इस सीट पर तीन लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत मिली थी। लेकिन अब समीकरण बदल गए हैं। विधान सभा चुनाव के बाद से बीजेपी का जनाधार घटा है। वहीं, सांसद पटेल को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है। 2014 में भाजपा के सुभाष पटेल 2 लाख 57 हजार 879 रिकार्ड मतों से चुनाव जीते थे. सुभाष पटेल को 6 लाख 49 हजार 354 वोट मिले थे और कांग्रेस के रमेश पटेल को 3 लाख 91 हजार 475 वोट मिले थे।

खरगोन जिले के 6 में से 4 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. उनमें से खरगोन, कसरावद समान्य क्षेत्र, महेश्वर अनूसूचित जाति और भगवानपुरा अनुसूचित जाति जनजाति (एसटी वर्ग) के लिए आरक्षित है। बड़वानी जिले की चारो विधानसभा बडवानी, राजपुर, पानसमेल और सेंधवा एसटी वर्ग के लिए आरक्षित सीट हैं। पटेल को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी है। वह उनके लगातार विरोध कर रहे थे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पटेल ने बीते पांच साल में गुटबाजी के अलावा कुछ नहीं किया जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। 

बालाघाट में भी मुश्किल है राह

बालाघाट सांसद बोध सिंह भगत का टिकट पार्टी ने काट दिया है। उनकी जगह ढाल सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। असल में बोध सिंह और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन के साथ उनके मतभेद चल रहे थे। सूत्रों के मुताबिक बिसेन की बेटी भी दावदारी की दौड़ में शामिल थीं। उनकी बेटी ने प्रदेश नेतृत्व को अपने दावेदारी भी पेश की थी। लेकिन यहां