मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल में खतरा, संघ की शरण में शिवराज

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भोपाल। विधानसभा चुनाव से पांच दिन पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की रिपोर्ट ने भाजपा को डरा दिया है। संघ की रिपोर्ट के अनुसार  संघ और भाजपा के गढ़ मालवा-निमाड़ एवं ग्वालियर-चंबल में भाजपा का ग्राफ तेजी से गिरा है। इन क्षेत्रों में मौजूदा सीटों को बचाने के लिए संघ भी मैदान में है, लेकिन सीट बचाने की अभी तक की कवायद में भाजपा के सभी पैंतरे फेल हुए हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संघ कार्यालय पहुंचकर संघ पदाधिकारियों से मुलाकात की। 

संघ की अंदरूनी रिपोर्ट के अनुसार मालवा-निमाड़ में भाजपा की स्थिति बेहद खराब है। साथ ही ग्वालियर-चंबल में भाजपा को अपनी सीट बचाना मुश्किल हो रहा है। ताजा हालात पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संघ कार्यालय में करीब 20 मिनट तक मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने भाजपा संगठन के पदाधिकारियों से चर्चा की। इन बैठकों को चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि जिन स्थानों पर भाजपा की खराब हालात है, वहां संघ भी काम में जुटा है। बताया गया कि चुनाव वितरण से पहले भी संघ की ओर से रिपोर्ट दी गई, टिकट के चयन में भी संघ का दखल रहा है। मालवा और निमाड़ मप्र में संघ का गढ़ है, वर्तमान में यहां सबसे ज्यादा विधायक भाजपा के हैं। संघ के सर्वे में इस बार सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा को संघ के गढ़ में ही हो रहा है। 

आधी सीटों पर हालत खराब

मालवा-निमाड़ के 15 जिलों की 66 सीटों में से 57 सीट भाजपा के पास हंै, जबकि 9 सीट कांग्रेस के पास हैं। इस बार यहां भाजपा को आधी सीट मिलना भी बहुत मुश्किल हो रहा है। जबकि कांग्रेस इस क्षेत्र में 35 सीट मानकर चल रही है, फिलहाल कांगे्रस के पास सिर्फ 9 सीट हैं। इधर ग्वालियर-चंबल की 34 सीटों में से भाजपा के पास 22 सीट हैं। इस क्षेत्र में कांग्रेस 18 सीट तक पहुंचने का दावा कर रही है। इस क्षेत्र में ज्यादातर सीटों पर चुनाव भाजपा-कांग्रेस की अपेक्षा जातिवाद में उलझ गया है।  

अभी तक सारे पेंतरे फेल

भाजपा चुनाव में हर तरह के पेंतरे पर काम कर रही है, लेकिन अभी तक सारे दांव उलटे पड़ रहे हैं। भाजपा एक भी चुनावी रणनीति में कामयाब नहीं हो पाई है। इधर सत्ता विरोधी लहर से कांग्रेस भी अति उत्साह में दिखाई दे रही है। हालांकि दोनों दलों की ओर से ताबड़तोड़ सभाएं की जा रही है।