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भोपाल।रामेश्वर धाकड़| भारतीय जनता पार्टी लोकसभा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के समर्थन में साधु-संत और विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं को सड़क पर उतारने जा रही है। प्रज्ञा 23 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगी। इससे पहले भोपाल की सड़कों पर बड़ी रैली के रूप में प्रज्ञा संतों के साथ शक्ति प्रदर्शन करेंगी। जिसमें भाजपा और संघ की ओर से बड़ी संख्या में संत समाज को आमंत्रित किया है। प्रदेश में संभवत: यह पहली बार होगा जब किसी राजनीतिक दल के प्रत्याशी की नामांकन रैली में इतनी संख्या में धर्म-कर्म से जुड़े लोग शामिल होंगे। हालाँकि एक दिन पहले सोमवार को ही साध्वी ने नामांकन दाखिल कर दिया। वह सुबह 11 पंडितों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। वहां मुहूर्त में मंत्रोच्चारण के बीच उन्होंने नामांकन किया। हालांकि, प्रज्ञा फिर से मंगलवार को पार्टी नेताओं के साथ रोड शो करते हुए कलेक्ट्रेट जाएंगी और वहां फार्म-बी जमा करेंगी। 

प्रज्ञा ठाकुर की नामांकन रैली में संतों को शामिल करने के पीछे संघ की रणनीति है। प्रज्ञा का नामांकन दाखिल होने के बाद से संघ ने मोर्चा संभाल लिया। नामांकन रैली में धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र की नामचीन हस्तियों को बुलाने का दायित्व भी संघ ने संभाला है। रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में निकाली जाने वाली रैली को लेकर बैठक हुई। सोमवार को भी संत समाज के चुनिंदा पदाधिकारियों के साथ इस मसले पर चर्चा होना है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रज्ञा ठाकुर के हेमंत करकरे और बाबरी विध्वंस को लेकर दिए गए बयानों के बाद भोपाल लोकसभा सीट देश में चर्चा का विषय है। नामांकन रैली में साधु-संतों की भीड़ जुटाकर भाजपा देशभर में हिन्दुत्व का संदेश देने जा रही है। जिसका फायदा भारतीय जनता पार्टी देश भर में शेष चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव में लेगी। 

नागपुर से बनी रणनीति

आमतौर पर राजनीतिक रैलियों से धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़े लोग दूर रहते हैं। लेकिन संघ हिन्दुत्व के मुद्दे को भोपाल लोकसभा चुनाव में जोर-शोर से उठाना चाहता है। यही वजह है कि प्रज्ञा की रैली में साधु-संत जुटेंगे और जयश्रीराम के उद्घोष होंगे। सूत्र बताते हैं कि रैली में संतों की ज्यादा संख्या बढ़ाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने भी मोर्चा संभाला हैं। उन्होंने धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के कर्ता-धर्ताओं से सहयोग मांगा है। भाजपा एवं संघ की ओर से संतों से कहा गया है कि देश में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश में भी भाजपा की सरकार जल्द बनेगी। हालांकि कुछ संस्थाओं ने प्रज्ञा की रैली में शामिल होने से दबी जुवान में इंकार भी किया है।