बीजेपी को गढ़ बचाने की चुनौती, खुलकर विरोध में उतरे सांसद

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भोपाल/सागर| लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए अपनों की नाराजगी भरी पड़ रही है|  भाजपा के कब्जे वाली एक दर्जन से अधिक सीटों पर घोषित प्रत्याशी का विरोध सामने आ चुका है, लेकिन स्तिथि संभाले नहीं सम्भल रही| अब सागर में वर्तमान सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लक्ष्मीनारायण यादव की नाराजगी सामने आई है| उन्होंने घोषित प्रत्याशी को अयोग्य उम्मीदवार बताते हुए चुनाव प्रचार से दूर रहने का एलान कर दिया है| वहीं टिकिट वितरण से नाराज जैन समाज पहले ही अपना प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है। टिकट न मिलने से हताश भाजपा नेता मुकेश जैन ढाना अपना नामांकन भर चुके हैं| 

दरअसल, बीजेपी ने 75 वर्ष पार के फार्मूले के आधार पर कई दिग्गज नेताओं के टिकट काट दिए हैं| इनमे सागर से सांसद लक्ष्मीनारायण यादव भी शामिल हैं| उनका टिकिट काटते हुए पार्टी ने नगर निगम के अध्यक्ष राजबहादुर सिंह को टिकट दिया है।  टिकिट वितरण से नाराज जैन समाज पहले ही अपना प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है। वहीं अब लक्ष्मीनारायण यादव ने भी खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है| सांसद ने आज  मीडिया से कहा कि  मुझे उम्र दराज मानकर पार्टी ने टिकिट नहीं दिया। इस बात की नाराजगी नहीं है, लेकिन सागर में पार्टी ने योग्य को टिकिट नहीं दिया, इसकी नाराजगी है। यह टिकिट पूर्व गृहमन्त्री भपेंद्र सिंह ने हाईजैक कर लिया। इससे नाराज हूँ। 

सागर में प्रचार नहीं करूंगा 

उन्होंने साफ कहा, मैं सागर लोकसभा क्षेत्र में कहीं भाजपा का प्रचार करने नहीं जाऊंगा। उन्होंने कहा कि टिकिट के चयन में मापदंड नही अपनाए। सागर छोड़कर दूसरे सीट पर जरूर भाजपा का प्रचार करूंगा। उन्होंने मोदी लहर पर कहा कि मोदी लहर है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी जीत जाए। वहीं सांसद ने यादव समाज की उपेक्षा के आरोप भी लगाए हैं और हारने के लिए समाज के के.पी. यादव को गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ लड़ाये जाने पर कहा कि भाजपा ने कमजोर सीट पर दिखावे के लिए टिकिट दे  दिया। ये उसी तरह है जैसे खेत मे बिजूका खड़े करते है। 

डैमेज कण्ट्रोल में जुटे नेता 

भाजपा के लिए सागर संसदीय क्षेत्र सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में से एक माना जाता है। इस सीट पर वर्ष 1996 से भाजपा सांसद काबिज हैं। लेकिन इस बार नए प्रत्याशी पर दांव लगाने के बाद विरोध के उठे स्वरों से पार्टी को भितरघात की चिंता सताने लगी है। डैमेज कण्ट्रोल के लिए संघ से लेकर पार्टी के बड़े नेताओं ने रूठों को मनाने की कोशिश शुरू कर दी है| चर्चा है कि संघ ने विस्तारकों से क्षेत्रवार रिपोर्ट मांगी है।ताकि स्थिति का आंकलन कर इसी सप्ताह उसे नियंत्रित किया जा सके। 

 

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