जेलर पर भारी पड़ीं बसपा विधायक, सिफारिश करने पर हो गया तबादला!

भोपाल। मध्य प्रदेश के दमोह जिले की जेल में बसपा विधायक रामबाई के देवर और भतीजा बंद हैं। जेलर का आरोप है कि दोनों ही जेल में विधायक का रिश्तेदार होने की बात कहकर उत्पात मचाते हैं। इसलिए दोनों को ही दूसरी जेल में शिफ्ट किया जाना चाहिए। यह सिफारिश जेलर पर भारी पड़ी गई है। क्योंकि दोनों आरोपियों को शिफ्ट तो नहीं किया गया लेकिन जेलर का तबादला जरूर कर दिया गया। 

जेलर के तदाबले के बाद से सियासत शुरू हो गई है। जेलर रामलाल सहलाम के तबादले को राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, दमोह जेल के जेलर रामलाल ने आरोप लगाए थे कि विधायक रामबाई का देवर और भतीजा देल में उत्पात मचाते हैं। दोनों की वजह से जेल की सुरक्षा को खतरा है। इसलिए उन्हें दूसरी जेल में शिफ्ट किया जाना चाहिए। यही नहीं उन्होंने अदालत में यह बात लिखित में दी थी। अदालत ने जेलर की बात पर संज्ञान लेते हुए मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद जेलर ने जेल मुख्यालय को एक पत्र लिखकर आरोपियों को शिफ्ट करने की अनुमति मांगी थी। लेकिन हुआ इसके उलट। आरोपियों को शिफ्ट करने के बजाए जेलर का ही तबादला कर दिया गया। जेलर रामलाल को जेल मुख्यालय के प्रशिक्षण शाखा भेज दिया गया।

जेल मंत्री से की थी जेलर की शिकायत

दमोह जेल में रामलाल के जेलर रहते हुए विधायक रामबाई के रिश्तेदारों की जेल में मनमानी पर रोक लगी थी। यही कारण था कि जेलर के खिलाफ विधायक रामबाई ने मोर्चा खोलते हुए उनपर वसूली के आरोप लगाए थे और जेल मंत्री बाला बच्चन से मुलाकात कर इस संबंध में शिकायत भी की थी। लेकिन विधि मंत्री पीसी शर्मा ने इस बात को नकार दिया है कि विधायक के कहना पर जेलर का तबादला किया गया है। उन्होंने तबादले को आम प्रक्रिया करार दिया है। उन्होंने कहा कि तबादले का अधिकार सीएम के पास हैं। अब दमोह जेल के नए जेलर एम एम राणा को बनाया गया है।