Budget 2019: किसानों को बजट में क्या-क्या मिली सौगात, विस्तार से पढ़िए यहां

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नई दिल्ली। अंतरिम बजट 2019 पेश करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बड़े ऐलान किये हैं| लोकसभा चुनाव से पहले आये इस बजट को लोकलुभावन और चुनावी बजट माना जा रहा है| किसानों पर फोकस रखा गया है|  सरकार छोटे किसानों के खातों में सीधा पैसा डालेगी।  सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना  की शुरुआत की है। इस योजना का फायदा देश के 12 करोड़ किसानों को होगा। 

इस योजना के तहत जिन किसानों के पास 2 हेक्टेयर जमीन है, उन्हें सरकार हर साल 6000 रुपए सीधे खाते में जमा करेगी। यह राशि हर महीने बैंक खाते में 500 रुपए के रूप में जमा होगी। इससे 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा। सरकार ने इसके लिए बजट में 75 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। किसानों के खाते में 3 किस्तों में पैसे जाएंगे। 1 दिसंबर 2018 से यह योजना पूरे देश में लागू होगी।  किसान निधि के लिए 75,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने के लक्ष्य है। पहली किस्त अगले महीने की 31 तारीख तक किसानों के खातों में डाल दी जाएगी।  एक हिसाब से हर माह किसानों के खाते में 500 रुपए की निश्चित राशि मिलेगी| 

गायों के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग

गायों के कल्याण के लिए वित्त मंत्री राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के गठन की घोषणा की है. यह आयोग गायों के बेहतरी के लिए काम करेगी और योजनाएं तैयार करेगी. इसके अलावा सरकार ने पशुपालकों और मछलीपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेने पर 2 फीसदी की ब्याज सब्सिडी देने की घोषणा की है|

केंद्रीय मंत्री ने गिनाई सरकार की उपलब्धि 

पीयूष गोयल ने बजट भाषण में कहा कि लगभग तीन लाख करोड़ रुपए बैंकों और ऋण देने वाली संस्थाओं के पास वापस आए। बड़े डिफॉल्टर्स से सरकार सख्ती से निपट रही है। हमारी सरकार ने 22 फसलों का एमएसपी बढ़ाया। लागत से डेढ़ गुना कीमत देने का फैसला किया। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को ब्याज में दो फीसद छूट दी जाएगी। वहीं अगर किसान वक्त पर ऋण की किस्त भरते हैं तो उन्हें ब्याज में तीन फीसद की छूट मिलेगी। किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुनी हो जाएगी, हम न्यू इंडिया की तरफ बढ़ रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान राष्ट्रीय आंदोलन बना। देश इस साल गांधीजी की 150वीं जयंती मना रहा है। ये उन्हें सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिली है। देश के 98 फीसद गांवों में शौचालय बनाए गए। 5.45 लाख गांव पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो गए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा हमारे मेहनती किसानों को फसलों का पूरा मूल्य नहीं मिलता था। हमारी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए इतिहास में पहली बार सभी 22 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक निर्धारित किया है। देश के मेहनती किसानों ने पिछले साढ़े चार साल में रिकॉर्ड खाद्यान्न पैदा किया है। किसानों को व्यवस्थित इनकम सपोर्ट देने की जरूरत है। छोटे और सीमांत किसानों की आमदनी सुनिश्चित कराने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की ऐतिहासिक योजना हमने मंजूर की है। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने तय किया है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने वाले सभी किसानों का 2% ब्याज और समय पर कर्ज लौटाने पर 3% अतिरिक्त ब्याज माफी का फायदा मिलेगा। इस तरह उन्हें ब्याज में 5 फीसदी की छूट मिलेगी।

दुनिया के मत्स्यपालन में भारत की हिस्सेदारी 6.8 फीसदी है। हमने मछली पालन का एक अलग विभाग बनाने का फैसला किया है। पशुपालन और मछली पालन करने वाले किसानों को भी क्रेडिट कार्ड के जरिए लिए जाने वाले कर्ज के ब्याज में दो फीसदी ब्याज की छूट दी जाएगी। इस तरह सभी किसानों को एक जैसा दर्जा मिलेगा।

किसानों के लिए योजना में यह है ख़ास 

सरकार ने फसलों का एमएसपी लागत डेढ़ गुना करने की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को मंजूरी के अंतर्गत 2 हेक्टेयर तक की जमीन वाले किसान को हर साल 6 हजार रुपये मिलेंगे। 

किसानों के खाते में 3 किस्तों में पैसे जाएंगे। 

इसका फायदा देश के 12 करोड़ किसानों को मिलेगा। 

1 दिसंबर 2018 से यह योजना पूरे देश में लागू होगी। 

किसान निधि के लिए 75,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

2022 तक किसानों की आय दुगनी करने के लक्ष्य है। 

पहली किस्त अगले महीने की 31 तारीख तक किसानों के खातों में डाल दी जाएगी।