MP Transport : नए साल से पहले मध्यप्रदेश में फिर थम सकते है बसों के पहिए, ये है बड़ा कारण

दरअसल, कोरोना को एक साल होने को आया है, लेकिन इसका असर जन जीवन पर अब भी पड़ रहा है, लोग अब भी बसों में सफर करने से बच रहे है। दीपावली ,त्यौहारों और शादियों के सीजन के बाद भी बसों में कम ही भीड़ देखने को मिल रही है, ऐसे में बस संचालकों को काफी नुकसान हो रहा है ।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में लॉकडाउन (Lockdown) और फिर अनलॉक (Unlock) के बाद शुरु हुआ बसों (buses) का संचालन एक बार फिर बंद हो सकता है। कोरोना संकटकाल (Corona Crisis) के कारण यात्रियों की कमी के चलते बस संचालकों ने एक बार फिर किराया बढ़ाने की मांग शुरु कर दी है। खबर है कि बस संचालकों ने बंद को लेकर तैयारियां भी शुरु कर दी है, एक हफ्ते के अंदर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

दरअसल, कोरोना को एक साल होने को आया है, लेकिन इसका असर जन जीवन पर अब भी पड़ रहा है, लोग अब भी बसों में सफर करने से बच रहे है। दीपावली ,त्यौहारों और शादियों के सीजन के बाद भी बसों में कम ही भीड़ देखने को मिल रही है, ऐसे में बस संचालकों को काफी नुकसान हो रहा है ।लगातार घाटे से जूझ रहे अब बस संचालक जल्द ही प्रदेश भर में बसों का संचालन बंद करने की तैयारी में हैं।

मप्र प्राइम रूट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने भी इस ओर संकेत दिए है। उनका कहना है कि वर्तमान में डीजल, पेट्रोल के दामों में रोजाना बढ़ोत्तरी होती जा रही है, लेकिन बसों के किराए मे कोई इजाफा नही किया गया, जिसके चलते लगातार घाटा हो रहा है,  एक सप्ताह के भीतर जल्द ही बैठक कर हड़ताल का निर्णय लिया जाएगा।अगर ऐसा होता है तो यात्रियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि शादियों का सीजन चल रहा है और ट्रेने भी बंद है ऐसे में अकेला बस ही सहारा है। अगर वो भी बंद हो गई तो बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है।

बता दे कि 18 सितंबर को मध्यप्रदेश किराया बोर्ड की बैठक में बसों का किराया बढ़ाने पर परिवहन अधिकारियों व मोटर मालिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच सहमति बनी थी। जिसके आधार पर परिवहन आयुक्त व अपर मुख्य सचिव (परिवहन) को नोट शीट बनाकर आदेश जारी करवाना चाहिए था, लेकिन 90 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। जिससे बस संचालक मुश्किल में आ गए हैं।

गौरतलब है कि मप्र शासन ने अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का 15 दिन साढ़े पांच महीने का टैक्स माफ किया था। इसके बाद पांच सितंबर से राजधानी सहित प्रदेश भर में पांच सितंबर से बसों का संचालन शुरू हुआ था, लेकिन कोरोना के कारण यात्रियों की संख्या नहीं बढ़ने से घाटा उठाना पड़ रहा है।ऐसे में उम्मीद है कि एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) से मुलाकात करेगा और किराया बढ़ाने (Bus Fare Increase) तथा आगामी फरवरी माह तक का टैक्स शून्य की मांग कर सकता है।