कैबिनेट बैठक: MP में बनेगा ‘कर्मचारी आयोग’, इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

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भोपाल| मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट के अहम् बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए| बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली है| प्रदेश में डाक्टरों को अब एक साल तक गांव में समय बिताना होगा, वहीं मध्यप्रदेश के सभी विभागों के कर्मचारियों का एक कर्मचारी आयोग बनाया जाएगा। वहीं राज्य योजना आयोग के नए स्वरूप को भी मंजूरी दी गई। 

बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा, राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत और स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी| कोका कोला कंपनी को बाबई के मोहासा में जमीन की राशि जमा करने पर लगाए गए ब्याज से करीब 90 लाख रुपए की छूट दी गई है। वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश के लिए निवेश प्रोत्साहन नीति 2019 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्र के बाहर 30 बिस्तर तक के अस्पताल बनाने में निवेश करने पर जमीन रियायती दर पर दी जाएगी। 100 बिस्तरों की अनिवार्यता के कारण बड़ी निवेश राशि की जरुरत पड़ती थी, जिस कारण कई निवेशक चाहकर भी इस क्षेत्र में भागीदारी नहीं निभा सकते थे। इस कारण ही 100 बिस्तारों की अनिवार्यता को समाप्त कर 30 बिस्तरों का किया गया है|  जिससे कि अस्पतालों के लिये निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा मिलेगा और छोटे निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा। 

कर्मचारियों के लिए बनेगा आयोग 

प्रदेश में कर्मचारियों के सरकार एक आयोग का गठन करेगी| इसमें कर्मचारियों के मुद्दों पर निर्णय होंगे|  कर्मचारी आयोग में चार सदस्य होंगे, यहां कर्मचारियों की किसी भी समस्या को सुना जाएगा। कर्मचारियों के मुद्दों पर आयोग जो निर्णय देगा सरकार उसे लागू करेगी| अब कर्मचारी अपनी समस्याओं व मांगों को लेकर ज्ञापन अलग अलग न सौंपकर कर्मचारी आयोग को देंगे इस पर आयोग निर्णय लेगा| जिसके बाद सरकार इस पर फैसला करेगी| 

पिछड़े इलाकों में डॉक्टरों को विशेष सुविधा 

इसके अलावा इसी तरह कैबिनेट में सुषेण चिकित्सक प्रोत्साहन योजना लागू की गई है| इसमें प्रदेश के 20 जिलों को लिया गया है, जिसमे पिछड़ा और अति पिछड़ा जिला बनाया गया है, यहां पदस्थ डॉक्टरों को विशेष सुविधा दी जाएगी, जिसमे मकान गाड़ी शामिल है| स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया एमपी के 20 आदिवासी ज़िलों में मेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने अब डॉक्टरों के साथ अन्य स्टाफ को आवास,ट्रासंपोर्ट की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। अति पिछड़ा विकास खण्ड और पिछड़ा विकासखण्ड में कार्यरत डॉक्टरों को वेतन के बाद अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। यह राशि 30 हजार से 70 हजार तक होगी। 

अनुसूचित क्षेत्रों में सामान्य वर्ग के व्यक्ति को अपनी जमीन का डायवर्सन करने का अधिकार अब मिल जाएगा। अभी 10 साल पहले वह डायवर्शन नहीं करा पाता था, इसकी वजह से विकास कार्य भी प्रभावित होते थे। राजस्व विभाग ने इस निर्णय के लिए भू राजस्व संहिता की दो धाराओं में संशोधन कर दिया है।  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आजीविका मिशन के तहत काम करने वाली महिलाएं, स्व सहायता समूह के महासंघ द्वारा संचालित पूरक पोषण आहार के संयंत्रों का संचालन का जिम्मा एमपी एग्रो को सौंपने का कैबिनेट ने निर्णय लिया है।  इसके अलावा 123 आवासीय स्कूलों का संचालन की सोसायटी का गठन किया गया है, जिसमें आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए एकलव्य शालाएं हैं। यह राज्य सरकार की सोसायटी होगी। इसका प्रबंधन एक अनुदान प्राप्त संस्था के रूप में होगा। झाबुआ में ढाई लाख रुपए लाइब्रेरी के लिए मंजूर दे दी गई।

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