Cabinet Meeting : MP में इथेनॉल पॉलिसी को हरी झंडी, मोबाइल फैसिलिटी शुरू होगी, कई अहम निर्णय

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में इथेनॉल पॉलिसी (ethanol policy) को हरी झंडी दे दी गई है। राजधानी भोपाल (Bhopal) में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में ये निर्णय लिया गया। इसी के साथ 17 सितंबर से लेकर 7 अक्टूबर तक होने वाले जनकल्याण और स्वराज अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए कि महीने में एक बार अपने प्रभार वाले जिलों में जनदर्शन कार्यक्रम करें। कोरोना के कारण जनसुनवाई का कार्यक्रम बंद कर दिया गया था, वो भी फिर से शुरू किया जाएगा। 17 सितंबर कलेक्टर, एसपी, सभी विभाग के प्रमुख अधिकारी जनसुनवाई प्रारंभ करेंगे। इसी के साथ सीएल हेल्पलाइन को एक बेहतर रूप में जनता के सामने लाया जाएगा। वहीं समाधान ऑनलाइन को और परिपक्व किया जाएगा और अब मोबाइल फैसिलिटी की नई सुविधा भी उपबल्ध कराई जाएगी। इसी के साथ सीएम ने निर्देश कि कोई भी फाइल मंत्री, पीएस या एसीएस के पास तीन दिन से ज्यादा न रहे, गुड गवर्नेंस के लिए सीएम ने ये निर्देश भी दिए। सभी अपने अपने विभागों में नवाचार करें, ये बात भी कही गई।

अनुसूचित जाति जनजाति और पिछले वर्ग के बैकलॉग पद भरने की समय सीमा बढ़ाकर 30 जून 2022 कर दी गई है। वहीं न्यायिक सेवा के लिए को बॉन्ड भरने का प्रस्ताव भी पारित किया गया है। इंदौर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परियोजना में स्वीकृत पदों के लिए मंजूरी दी गई है कि नवीन पदों को भरा जाए। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम अंतर्गत 4 हाईवे पर टोल की स्वीकृति भी दी गई है।

कैबिनेट बैठक में इथेनॉल पॉलिसी को मंजूरी देते हुए कहा गया कि प्लांट और मशीनरी में किए गए पूंजी निवेश के 100 प्रतिशत के अधिक सीमा और पेट्रोल तेल के उत्पादनों की इकाईयों के लिए उत्पादित इथेनॉल प्लांट के लिए डेढ़ रूपया प्रति लीटर की वित्तीय सहायता राज्य सरकार द्वारा संबंधित संस्था को दी जाएगी। इसी के साथ पंजीयन शुल्क में 100 प्रतिशत की स्टांप ड्यूटी की छूट दी गई है। साथ ही वाणिज्य कर उत्पादन के लिए भी 5 साल के लिए विद्युत शुल्क में भी 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसी के साथ की अन्य छूट का प्रावधान किया गया है।

17 सितंबर को प्रधानमंत्रीं नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर एक दिन में 32 लाख लोगों को कोविड 19 वैक्सीन का पहला डोज़ लगाया जाएगा। कोरोना पर सीएम ने सभी जिलों की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी को संबोधित किया और कहा कि किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। अब तक मध्यप्रदेश में  4 करोड़ 19 लाख 68 हजार यानी 76 प्रतिशत पात्र लोगों को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज़ लग चुका है। 99 लाख 10 हजार यानी 18 प्रतिशत को दूसरा डोज़ लगाया जा चुका है। अब तक कुल 5 करोड़ 18 लाख 78 हजार डोज़ लगाए जा चुके हैं। सीएम ने कहा है कि 26 सितंबर तक प्रदेश में सभी पात्र लोगों को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लगाने के निर्देश दिए हैं। अभी 1 करोड़ 18 लाख लोगों को पहला डोज़ लगाया जाना बाकी है, जो 26 सितंबर तक पूर्ण करना है।

इसी के साथ प्रदेश में फैल रहे डेंगू की रोकथाम के लिए भी चर्चा हुई। सरकारी अस्पतालों में निशुल्क इलाज हो रहा है, इसी के साथ निरामय योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों में भी निशुल्क इलाज की व्यवस्था की जाएगी। 15 सितंबर को डेंगू की रोकथाम के लिए प्रदेशभर में फॉगिंग की जाएगी। सीएम खुद इसे लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए निकलेंगे वहीं अधिकारी कर्मचारी भी इसके लिए काम करेंगे। इसके लिए दवा स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध कराएगा।