शादियों में हर्ष फायरिंग करना पड़ सकता है भारी, 2 साल की हो सकती है जेल

भोपाल। देश भर में शादियों और खुशी के मौके पर किए जाने वाले हर्ष फायर से होने वाली मौतों को रोकने के लिए नया कानून बनाया गया है। अब अगर शादी समारोह या फिर किसी अन्य खुशी के मौके पर हर्ष फायरिंग की तो आपको दो साल तक की जेल और एक लाख तक का दुर्माना चुकाना पड़ सकता है। इसका सबसे अधिक असर प्रदेश के चंबल क्षेत्र पर पड़ेगा। इस इलाके में बंदूक को स्टेटस सिंबल के तौर पर भी रखा जाता है। यहां बंदूक शान की बात मानी जाती है। लेकिन सबसे अधिक हर्ष फायरिंग के मामलों में होने वाले मौत के आंकड़े यहीं मिलते हैं। 

दरअसल, सरकार द्वारा चंबल इलाके के अकेल मुरैना में 27,000 बंदूकों के लाइसेंस जारी किये गए हैं। आपको बता दें कि यह इलाका कभी डकैतों के लिये कुख्यात रहा है और इसी वजह से सरकार ने इतनी संख्‍या में लोगों को बंदूकों के लाइसेंस दे दिए, लेकिन अब कुछ लोग इनका इस्तेमाल शादी समारोह में हर्ष फायरिंग के तौर पर भी करते हैं। 

बेतुकी फायरिंग करने पर भी सजा: नये कानून के तहत एक व्यक्ति एक ही हथियार का लाइसेंस ले सकेगा, जबकि पुराने कानून में एक लाइसेंस पर तीन हथियार लिए जा सकते थे। लापरवाही से और बेतुकी फायरिंग करने पर भी दी सजा दी जाएगी। शस्त्र (संशोधन) कानून, 2019 लोकसभा में पेश कर दिया गया है और इसके इसी सत्र में पारित होने की संभावना है।

नए कानून में जहां हर्ष फायरिंग पर प्रभावी रूप से रोक लगाने के उपाए किए गए हैं, वहीं शस्त्र लाइसेंस की प्रकिया को भी बदला गया है। प्रस्तावित कानून में राज्यों को सलाह दी गई है कि एक व्यक्ति एक शस्त्र का नियम पारिवारिक या विरासतीय शस्त्रों के मामले में भी पूरी तरह से लागू किया जाए। जिसके पास एक से ज्यादा शस्त्र हैं उसे एक साल में बाकी के शस्त्र नजदीकी पुलिस थाने में वापस करने होंगे।