खुशखबरी : नगरीय निकाय चुनाव से पहले मध्यप्रदेश को केन्द्र सरकार का तोहफा

खास बात तो ये है कि मिशन के अन्तर्गत 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर द्वितीय ट्रान्च अनुदान राशि प्राप्त करने वाले अग्रणी राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल हो गया है।

मध्य प्रदेश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। केन्द्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने मध्य प्रदेश (MP) की शिवराज सरकार (Shivraj Government) को नगरीय निकाय चुनाव (Urban Body Election) से पहले बड़ा तोहफा दिया है।प्रदेश को जल जीवन मिशन (Water life mission) में 320 करोड़ से अधिक का अनुदान मिला है।खास बात तो ये है कि मिशन के अन्तर्गत 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर द्वितीय ट्रान्च अनुदान राशि प्राप्त करने वाले अग्रणी राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल हो गया है। मिशन में भारत सरकार (Indian government)से इस वर्ष 1280.13 करोड़ की अनुदान राशि स्वीकृत की गयी थी।

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दरअसल,  राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (National Water Life Mission) में ग्रामीण आबादी को नल कनेक्शन के जरिये पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए निर्मित की जा रही जलप्रदाय योजनाओं पर होने वाली व्यय राशि का 50-50 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। प्रदेश के पास जल जीवन मिशन में भारत सरकार से वर्ष 2019-20 में प्राप्त अनुदान राशि में से 244.95 करोड़ की शेष राशि उपलब्ध थी तथा चालू वित्तीय वर्ष में 1280.13 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया गया।

इसी समान अनुपात में राज्य सरकार द्वारा भी अपना करीब 1500 करोड़ रूपये का अंशदान शामिल कर जलप्रदाय योजनाओं का कार्य किया जा रहा है।इसी कड़ी में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अन्तर्गत भारत सरकार से पहली किस्त की द्वितीय ट्रान्च अनुदान राशि 320.13 करोड़ रूपये प्राप्त हो गई है। चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी किश्त के अन्तर्गत प्रथम ट्रान्च अनुदान राशि जनवरी अंत तक तथा द्वितीय ट्रान्च राशि मार्च में प्राप्त हो जायेगी।

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भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय (Government of India Ministry of Water Power) द्वारा IFMS पोर्टल के माध्यम से निरंतर यह मॉनिटरिंग की जाती है कि किसी भी राज्य द्वारा जल जीवन मिशन के अन्तर्गत कितनी राशि व्यय (खर्च) की जा चुकी है। मैचिंग ग्रान्ट (50:50) के अनुसार 80 प्रतिशत राशि व्यय किये जाने की स्थिति में अगली किश्त (ट्रान्च) भारत सरकार द्वारा स्वमेव जारी कर दी जाती है। राज्य सरकार (State Government )भी जल जीवन मिशन में 60 प्रतिशत राशि व्यय करने के बाद अनुदान राशि की अगली किस्त के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकती है।