ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

प्रदेश में सभी राजनैतिक दल उप चुनाव की तैयारी कर रहे है लेकिन कांग्रेस(Congress) के कुल में कलह थमने का नाम नहीं ले रही। दिग्विजय सिंह (digvijay singh) के चौधरी राकेश सिंह (Chaudhary Rakesh Singh) के विरोध में दिये गए बयान पर अब चौधरी राकेश सिंह का बयान आया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी में उठाई जाने वाली बात सार्वजनिक रूप से करना क्या अनुशासनहीनता नहीं है । आखिर दिग्विजय सिंह की हैसियत क्या है जो वो मुझपर सवाल खड़े कर रहे हैं।

ग्वालियर में अल्प प्रवास पर आये चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी (Chaudhary Rakesh Singh Chaturvedi) ने चुनिंदा पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी (Congress party) में नहीं आ जाऊं, इसलिए तीन बड़े नेता मेरे लिए इकट्ठा हो रहे है। जबकि मैं तो कांग्रेस जॉइन कर ही चुका हूँ। ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने मुझे शिवपुरी (shivpuri) में मंच पर बुलाकर स्वागत किया था उसके बाद उसी लोकसभा चुनाव (loksabha election) में जब राहुल गांधी (rahul gandhi) भिंड (bhind)आये टी उन्होंने मंच पर बुलाकर क्षेत्र में काम करने के लिये बोल दिया था। अब इससे बड़ी पुष्टि क्या चाहिए। उन्होंने कहा कि आज दिग्विजय सिंह, अजय सिंह और गोविंद सिंह (govind singh) को राकेश चौधरी के नाम से इतना भय सता रहा है कि वह रात दिन मेरे नाम की चर्चा कर रहे है। लेकिन सवाल ये है कि अब जो दिग्विजय सिंह मेरे खिलाफ बोल रहे हैं, वह किस हैसियत से बोल रहे हैं उनके पास क्या अधिकार है। क्या वो प्रदेश अध्यक्ष हैं? क्या प्रदेश महासचिव हैं? उनके पास क्या अधिकार है? क्या कमलनाथ, सोनिया गांधी या राहुल गांधी ने उन्हें अथॉरिटी दी है। क्या इस तरह से सार्वजनिक तौर पर पार्टी के सदस्य के खिलाफ बोलना अनुशासनहीनता नहीं है।

चौधरी राकेश सिंह ने कहा कि मैं पंडित श्यामाचरण शुक्ला के साथ प्रदेश में राजनीति में आया। मैं 1979 में NSUI प्रदेश अध्यक्ष रहा, जब इंदिरा गांधी जेल गई तब मैं भी उनके साथ जेल गया, जीवन भर कांग्रेसी रहा, केवल एक गलती छोड़कर जिसे मैंने स्वीकार किया और उसके लिए माफी भी मांगी। मैं दिग्विजय सिंह का बहुत सम्मान करता हूँ वे आदरणीय हैं। उन्होंने पच्चीस दिन पहले मुझे फोन करके कहा था कि राकेश मैंने तुम्हें दिल से माफ कर दिया और फिर उनका मेरे विरोध में बोलना। अब जब उन्होंने एक सीढ़ी उतरकर ये बात सार्वजनिक तौर पर कही है तो इसका जवाब मुझे देना जरूरी लगा। मुझे लगता है ये कोई व्यक्तिगत चोट है और इसने मुझे ठेस पहुंचाई है इसलिए मुझे इसका जवाब देने मीडिया के सामने आना पड़ा अब ये शुरुआत हो गई है। टिकट से जुड़े सवाल पर चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने कहा कि मैं मेहगांव से चुनाव लड़ने के लिए लालायित नहीं हूँ। बहुत उत्सुक नहीं हूँ। लेकिन मध्यप्रदेश के तीन बड़े नेता मुझे रोकने में लगे हैं लेकिन फिर भी यदि पार्टी मुझे टिकट देगी तो मैं बिलकुल चुनाव लडूंगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की स्थिति अच्छी नहीं है। उनपर खरीद फरोख्त के आरोप हैं जनता सब समझती है हम अंचल की सभी सीटें जीतेंगे।

अजय सिंह को कठघरे में किया खड़ा

चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा जो खुद लगातार चुनाव हार गए वो मुझे रोकने की बात कर रहे हैं । पूरा देश जानता है अर्जुन सिंह जी की कितनी बड़ी विरासत है लेकिन अजय सिंह उस संभाल नहीं पाए। सतना, सीधी लोकसभा और चुरहट विधानसभा चुनाव हार गए। और अब उन्हें भय है कि राकेश चौधरी ना आ जाये। बहरहाल लगातार अपनी ही पार्टी के नेताओं के व्यक्तिगत हमले के बाद चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी का सामने आना राजनीति में क्या भूचाल लाता है ये समय ही बताएगा। लेकिन इसने ये जरूर बता दिया है कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।