CM चौहान ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये की पत्रकारों के साथ बैठक, कही ये बातें

भोपाल।

कोरोना संकटकाल के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों के पत्रकारों से मंत्रालय में चर्चा कर रहे हैं। चर्चा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संक्रमण के बीच लड़ रहे सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा है कि हम स्थिति से जीते नहीं है किंतु इसे नियंत्रित अवश्य कर लिया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है लॉकडाउन के समय अवधि समाप्त होने के बाद प्रदेश में त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। जिसको पालन में लाया जाएगा। वही पत्रकारों का मनोबल बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पत्रकार इस संकट की घड़ी में सेतु बनकर समाचार एवं खबरों को जन जन तक पहुंचा रहे हैं।

दरअसल सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हुई चर्चा में मुख्यमंत्री चौहान ने पत्रकारों कहां से आग्रह करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में पत्रकारगण अपनी जान हथेली पर रखकर समाचार से प्रशासन एवं जनता के बीच सेतु का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लोगों का सकारात्मक खबरों के जरिए मनोबल बढ़ा रहे हैं। वहीं लॉक डाउन आगे बढ़ाए जाने के बात को लेकर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई जाएगी। पहले स्तर में भोपाल एवं इंदौर जैसे नगरों को शामिल किया जाएगा जहां संक्रमण सबसे अधिक है। तीसरे स्तर में उन सभी 20 जिले शामिल होंगे जहां कोरोना के मरीज मिले हैं। इन क्षेत्रों को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। तीसरे स्तर पर प्रदेश के 30 जिले होंगे जहां अभी तक संक्रमण नहीं फैला है।इसी के साथ 14 अप्रैल के बाद भी प्रदेश में लॉकडाउन जारी रहेगा। किंतु लॉक डाउन का स्वरूप बिल्कुल अलग होगा। जहां मनरेगा, छोटी मोटी आर्थिक गतिविधियों के साथ उपार्जन आदि क्षेत्रों में कार्य किए जा सकेंगे।

सीएम चौहान ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की बात करते हुए कहा कि नियमित समीक्षा के लिए भोपाल स्तर पर टीम गठित की गई है। वहीं जिला स्तर पर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप बनाए गए हैं। जिनमें अधिकारियों के अलावा सामाजिक संगठन धर्मगुरु एवं समाज सेवी संगठन शामिल किए जाएंगे। वह संकट काल में गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को 3 माह तक निशुल्क उचित मूल्य राशन प्रदान किया जाएगा। ऐसे में अब तकरीबन 5 करोड़ 40 लाख लोगों तक यह व्यवस्था पहुंच चुकी है। वह मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जनता को आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन के माध्यम से उन्हें दवा दूध फल एवं किराना की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में दवाइयों की कहीं भी कमी नहीं आने दी जाएगी। दवाइयों का उत्पादन होते रहेगा जिसके व्यवस्था की जा रही है। वहीं सीएम चौहान ने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग के लिए अब 7 लैब कार्य कर रहे हैं जिसमें हजार से अधिक लोगों की टेस्टिंग क्षमता है। इसी के साथ करीब 1700 सैंपल नई दिल्ली जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य कर्मी 5000 पीपीई किट्स रोज बना रहे हैं। जिससे मरीजों की जांच में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके अलावा प्रदेश में मास्क एवं सैनिटाइजर भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वहीं हमने अस्पतालों को भी 3 जोन में बांटकर उत्तम स्वास्थ्य व्यवस्था रखने की कोशिश की है।

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री चौहान ने जनता से अपील की है कि संकट की इस घड़ी में वो उनकी शक्ति बने और अधिक से अधिक घर पर रहें। नियमित दिनचर्या के साथ ही योगा और व्यायाम पर अधिक बल दे। लोगों के संपर्क में कम आएं जिससे इस संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। वहीं मुख्यमंत्री चौहान ने इस महामारी से लड़ रहे सभी कोरोना वॉरियर्स की जयकारा का नारा लगाया है। बता दें कि इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा सचिव जनसंपर्क पी नरहरि एवं जनसंपर्क संचालक ओ. पी. श्रीवास्तव भी मौजूद थे।

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