CM शिवराज ने कहा- “नए स्वरुप में होगा LOCKDOWN-4” ये होंगे नियम

भोपाल।

मंगलवार को पीएम मोदी (pm modi) ने लॉकडाउन 4 (lockdown 4) के नए स्वरूप में होने की बात कही थी। जिसके बाद अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी लॉक डाउन के चतुर्थ चरण को लेकर कई खुलासे किए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) ने कहा कि मध्य प्रदेश में 17 मई से लॉक डाउन 4 शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार की तरफ से तीनों जोन के जिले में कुछ रियायत मिल सकती है। वह इसके लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों (collector) से रूपरेखा तैयार करने को कहा है।

शिवराज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तीन जोन के हिसाब से अलग-अलग योजना बनाकर तैयार रखें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि एक तरफ जहां हमें कोरोना संक्रमण (corona) की चेन को तोड़ना है। वहीं दूसरी तरफ हमें जनजीवन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी पटरी पर लाना है। इसलिए ऐसी योजना बनाई जाए। जिससे लोगों को परेशानी भी नहीं हो और कोरोना चेन को रोका जा सके।

जोन के हिसाब से बनेगी रूपरेखा

दरअसल सीएम शिवराज ने 15 मई तक अधिकारियों को ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन के हिसाब से नई रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन बना रहेगा मगर इस बार उसका स्वरूप अलग होगा।वहीँ उन्होंने सलाह देते हुए बताया की पूरे प्रदेश में रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी रहना चाहिए। ग्रीन जोन में सभी गतिविधियां चालू रहें। ऑरेंज जोन में संक्रमित क्षेत्र छोड़कर गतिविधि चालू होनी चाहिए। रेड जोन में संक्रमित क्षेत्र को छोड़कर गतिविधियां सामान्य हो सकती हैं।

वित्तीय संकट बड़ी चिंता

वहीँ मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति (financial status) पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इस समय केन्द्र और राज्य दोनों पर वित्तीय संकट है। टैक्स नहीं मिल रहे है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार ने राज्य को मनरेगा के 661 करोड़ और एनडीआरएफ की 910 करोड़ की राशि भिजवाई है। राज्य के लिए यह बड़ी मदद है। मजदूरों को लाने के लिए ट्रेन का 85 प्रतिशत खर्चा केन्द्र सरकार दे रही है। हमने प्रदेश में मनरेगा समेत विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य शुरू करके मजदूरों को रोजगार दिया है।वहीँ छोटे, कुटीर और ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मजदूरों एवं श्रमिकों के लिए सरकार की व्यवस्था

वहीँ दूसरी तरफ मजदूरों के हालातों पर बोलते हुए सीएम शिवराज ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को प्रदेश लौटाने का कार्य तेज़ी से जारी है। उन्हें लेकर 31 ट्रेन प्रदेश आ गई हैं। आगे और ट्रेन मजदूरों को लेकर आती रहेंगी। इसके साथ दूसरे प्रदेशों के मजदूर भी लौट रहे हैं। हमने प्रदेश में ऐसी व्यवस्था की है कि कोई भी मजदूर भूखा नहीं सोयेगा। उन्होंने मजदूरों से आग्रह किया है कि वे पैदल नहीं चले। बाहर के मजदूरों को बसों के जरिए प्रदेश की सीमा पर छोड़ा जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 375 बसें लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने अपने मजदूरों के हितों को सुरक्षित रखते हुए श्रम कानून में परिवर्तन किया है। अब विभिन्न प्रकार के रजिस्टर्स के स्थान पर एक रजिस्टर रखने, एक रिटर्न भरने और सिंगल विंडो की सुविधा मिलेगी। यही श्रम सुधार मध्यप्रदेश में उद्योगों को आकर्षित करने में सहायक होंगे।

कोरोना के साथ जीना होगा- सीएम शिवराज

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कोरोना संकट कुछ और समय चल सकता है। ऐसे में हमें कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी। दो गज की दूरी, मास्क का प्रयोग और पूरी सावधानियां रखते हुए एक तरफ कोरोना के संक्रमण को रोकना होगा, तो दूसरी तरफ आर्थिक गतिविधियां भी करनी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए हमें अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना होगा। आयुर्वेदिक दवाओं के प्रयोग से इसे बढ़ाया जा सकता है।गांव-गांव में हमारे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, पटवारी, पंचायत सचिव लोगों को जागरुक कर रहे हैं।