कमलनाथ का दावा- ‘हमारे 10 विधायकों को दिया गया पद और पैसों का लालच’

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भोपाल।

लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले मध्य प्रदेश में सियासी हलचल देखने को मिल रही है।  बीजेपी- कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं के द्वारा विधायकों के संपर्क में होने का दावा किया जा रहा। इस सिय़ासी बवाल के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ का बड़ा बयान सामने आया है। उनका कहना है कि कांग्रेस विधायकों को पद और पैसों का लालच दिया जा रहा है| हालाँकि उन्हें अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है। इससे पहले मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने इसी तरह का आरोप भाजपा पर लगाया था।

दरअसल, एक्जिट पोल के नतीजों से मचे घमासान के बाद आज कांग्रेस कार्यालय में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रत्याशियों की बैठक बुलाई थी। जिसमें उन्होंने मतगणना के दौरान किन बातों का ध्यान रखना है और कैसे गड़बड़ी होने से रोकना है इस बारे में प्रत्याशियों को टिप्स दिए । बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कमलनाथ ने बीजेपी द्वारा बार बार विधायकों के संपर्क में होने की बात को लेकर कहा कि हमें अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है। हमारे दस विधायकों को फोन कर पैसा और पद ऑफर किया जा रहा है, लेकिन हमारे सारे विधायक हमारे साथ है।

बीजेपी दे रही 50  करोड का ऑफर- प्रदुम्न सिंह

इससे पहले कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रदुम्न सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी कांग्रेस विधायकों की ख़रीद-फरोख़्त की कोशिश में है, वो एक-एक विधायक को 25 करोड़ रुपए का ऑफर दे रही है, मना करने पर वो 50 करोड़ रुपए देने के लिए तैयार है, लेकिन हमारा कोई साथी बिकने वाला नहीं है।

कई कांग्रेस विधायक संपर्क में-नरेन्द्र सिंह तोमर

केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने दावा किया है कि कांग्रेस के कई विधायक हमारे संपर्क हैं। चार महीने में ही कमलनाथ सरकार के खिलाफ एंटी इंकम्बेंसी हो गई है।  सरकार पहले दिन से अल्पमत में है। बीजेपी ने जोड़-तोड़ नहीं की इसलिए कमलनाथ के नेतृत्‍व में कांग्रेस की सरकार बन गई, लेकिन इतने कम समय में ही कांग्रेस अंतरकलह से ग्रस्त हो गई है।  कांग्रेस और अन्य कई विधायक बहुत पहले से उनके संपर्क में हैं, जब ज़रूरत पड़ेगी तब बात आगे बढ़ाई जाएगी। कांग्रेस सरकार अंतर्कलह औऱ एंटी इंकंबेंसी से ही गिर जाएगी।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले आये एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत मिलता देखा नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कांग्रेस से बहुमत साबित करने की मांग की थी| इसके बाद उन्होंने विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर राजयपाल को पत्र भी लिखा| जिसके बाद से ही प्रदेश में अलग अलग सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं, वहीं बीजेपी नेताओं द्वारा लगातार सरकार गिराने के दावे करने के बीच अब कांग्रेस भी पलटवार के मूड में आ गई है और कांग्रेस नेताओं द्वारा भी विधायकों के संपर्क में होने के दावे किये जा रहे हैं, साथ ही विधायकों के खरीद फरोख्त के आरोप भी लग रहे हैं।