भाजपा के मुद्दों पर कमलनाथ लगा रहे ‘मास्टरस्ट्रोक’, बीजेपी में हड़कंप

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भोपाल। प्रदेश के मुख्यमंत्री की कमान संभालते ही कमलनाथ ने हिंदुत्व के एजेंडे पर काम करना शुरू कर दिया है। पिछले डेढ़ महीने के भीतर गाय, गौशाला, मंदिर एवं आत्यात्मिक विभाग को लेकर ऐसे फैसले लिए हैं, जिससे भाजपा के लिए चिंता बढ़ गई है। क्योंकि भाजपा गाय, गौशाला, मंदिर, महंत को ही चुनाव में मुद्दा बनाती है। कमलनाथ सरकार के इस फैसले से भाजपा खेमे में हड़कंप मचा हुआ है। अब भाजपा कांग्रेस सरकार के हिन्दुत्व एजेंडे की काट खोज रही है। दूसरी ओर कमलनाथ सरकार के मैनेजर साधू-संतों से मुलाकात कर उन्हें कमलनाथ सरकार के निर्णयों की जानकारी दे रहे हैं और सरकार के लिए आशीर्वाद भी मांग रहे हैं। 

पिछले 45 दिन में कमलनाथ सरकार ने हिन्दुत्व एजेंडे पर जमकर कदम बढ़ाए हैं। सरकार बनते ही धर्मस्य और आनंद विभाग को मिलाकर अध्यात्म विभाग का गठन किया। इस विभाग में प्रदेश की पवित्र नदियों की सुरक्षा का काम भी शामिल किया। कमलनाथ ने दूसरा कदम उज्जैन में उठाया जहां शनिवारी अमावस्या को क्षिप्रा नदी के कीचड़ में स्नान को लेकर सरकार ने उज्जैन के कमिश्नर और कलेक्टर को एक झटके में हटा दिया। इस घटना से पूरी सरकार हिल गई और देखते-देखते क्षिप्रा नदी में साफ और शीतल पानी बहने लगा। कमलनाथ ने सीधा संदेश दिया कि प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है। 

इसके बाद कमलनाथ ने प्रदेश में अगले चार माह में एक हजार गौशालाएं शुरू करने का अभी तक का सबसे बड़ा ऐतिहासिक निर्णय ले लिया। इस कार्य के लिए सरकारी खजाने से  450 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है। दो बड़े आईएएस अधिकारियों को इस योजना के क्रियान्वयन का जिम्मा सौंपा गया है। मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेन्द्र गुप्ता इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं। गौशालाओं को आत्म निर्भर बनाने और उसकी व्यवस्था सुचारू करने को लेकर भूपेन्द्र गुप्ता समाज के उन वर्गों से संपर्क कर रहे हैं जिन्हें गौशाला संचालन का अनुभव है। इनमें जैन समाज, गायत्री समाज, संत कमलकिशोर नागर और वे तमाम आश्रम जो गौशालाएं संचालित करते हैं को सरकार की इस योजना से जोड़ा जा रहा है। भूपेन्द्र गुप्ता ने जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज से भी संपर्क किया है और गौशालाओं के सफल संचालन के लिए उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन मांगा है। कमलनाथ की टीम के कई लोग इस काम में जुट गए हैं। गौशालाओं का यह निर्णय इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इस निर्णय से प्रदेश के संत समाज में सरकार को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।

लोकसभा चुनाव से पहले होंगे बड़े निर्णय 

मप्र में लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने से पहले कमलनाथ अभी कई ऐसे निर्णय लेने वाले हैं जिसे हिन्दुत्व एजेंडे के नजरिए से देखा जाएगा। इसमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला रामपथ गमन मार्ग के विकास को लेकर है। भगवान राम मप्र में जिन-जिन मार्ग से होकर गुजरे थे उस पूरे मार्ग पर धर्मशालाओं, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों का विकास के साथ-साथ भगवान राम के वन गमन की ऐतिहासिक जानकारियां आम लोगों को देने का काम होगा। इसके अलावा कमलनाथ सरकार प्रदेश की पवित्र नदियों जैसे नर्मदा, क्षिप्रा, ताप्ती, बेतवा, मंदाकिनी आदि के संरक्षण को लेकर शीघ्र ही एक बड़ी योजना लाने की तैयारी में है। कुल मिलाकर कमलनाथ सरकार यह संदेश देना चाहती है कि उसकी आस्था धर्म में है। कमलनाथ सरकार भाजपा की तरह धर्म के नाम पर न तो ढकोसला करती और न ही लोगों को आपस में लड़ाने का काम। 

संतों को सरकार के पाले में लाने की कोशिश

ऐसा लग रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में साधु-संत कमलनाथ सरकार के साथ दिखाई देंगे। इनमें कम्प्यूटर बाबा तो खुलकर साथ दे ही रहे हैं। जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज गौशालाओं के नाम पर कमलनाथ को आशीर्वाद देते दिखेंगे। कथावाचक और मालवा संत कमलकिशोर नागर भी गौरक्षा के नाम पर सरकार के साथ नजर आएंगे। सबसे बड़ा काम जगतगुरू शंकराचार्य  स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती करने जा रहे हैं। वे अयोध्या में भाजपा और संघ की लाईन से हटकर अलग से मंदिर निर्माण के लिए 21 फरवरी को भूमि पूजन करेंगे। इसमें भी कांग्रेस की अहम भूमिका मानी जा रही है। 

कुंभ स्नान कराएगी सरकार 

राज्य सरकार ने प्रदेश के श्रद्धालुओं को प्रयागराज में हो रहे कुंभ स्नान कराने की भी तैयारी कर ली है। इसके लिए 12 फरवरी से प्रदेश के चार अलग-अलग स्थानों से विशेष ट्रेन प्रयागराज के लिए रवाना होंगी। सरकार ने यह कदम भी हिंदुत्व के एजेंडे को ध्यान में रखकर लिया है।