MPPSC विवाद: मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश, गिर सकती है अफसरों पर गाज!

भोपाल। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को आयोजित परीक्षा में भील जनजाति को लेकर आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने के मामले में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अब देखना होगा इस मामले में किस पर गाज गिरेगी। सीएम कमलनाथ ने ट्विट कर लिखआ है कि मप्र लोक सेवा आयोग के परीक्षा में पूछे गए सवालों को लेकर कई शिकायतें मिली हैं। इस निंदनीय कार्य के लिए निश्चित तौर पर दोषियों को दंड मिलना चाहिए , उन पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए ताकि इस तरह की पुनरावृति भविष्य में दोबारा ना हो।मैंने जीवन भर आदिवासी समुदाय, भील जनजाति व इस समुदाय की सभी जनजातियो का बेहद सम्मान किया है , आदर किया है।

उन्होंने लिखा है कि, मैंने इस वर्ग के उत्थान व हित के लिए जीवन पर्यन्त कई कार्य किये हैं। मेरा इस वर्ग से शुरू से जुड़ाव रहा है। मेरी सरकार भी इस वर्ग के उत्थान व भलाई  के लिए वचनबद्ध होकर निरंतर कार्य कर रही है।’ दरअसल, सरकार इस मामले पर गंभीर दिखाई दे रही है। सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठा सकती है। ऐसे संकेत भी मिले हैं। दूसरी ओर भाजपा को घर बैठे एक और मुद्दा मिल गया है। भाजपा प्रदेश भर में भील जाति के अपमान का मुद्दा बनाकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। 

अफसरों का दुरुपयोग

बीजेपी ने मंडला कलेक्टर जगदीश जटिया के सोशल मीडिया पर CAA और NRC का विरोध करने पर कहा ये सिविल आचरण संहिता का उल्लंघन है. बीजेपी ने कहा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर का इस तरह से सोशल मीडिया पर पोस्ट करना आपत्तिजनक है. कांग्रेस सरकार अपना राजनैतिक विजन पूरा करने के लिए अफसरों का इस्तेमाल कर रही है. राकेश सिंह ने कहा कि इस मामले में प्रदेश सरकार को तत्काल मंडला कलेक्टर पर कार्रवाई करना चाहिए. बीजेपी केंद्र से भी इस मामले की शिकायत करेगी।

गौरतलब है कि, राज्य सेवा प्रारम्भिक परीक्षा में एक प्रश्न में भील जनजाति को शराब में डूबी हुई जनजाति भी बताया है| इसमें उल्लेख किया गया है कि भीलो की आपराधिक प्रवृत्ति का एक प्रमुख कारण यह है कि यह सामान्य आय से अपनी देनदारियां पूरी नहीं कर पाते। फलतः धन उपार्जन की आशा में गैर वैधानिक तथा अनैतिक कामों में भी संलिप्त हो जाते हैं। वरिष्ठ आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे प्रश् पत्र की कॉपी शेयर करते हुए फसेबूक पर लिखा ‘Mppsc ने आज परीक्षा में भील समाज पर आपत्तिजनक प्रश्न पूछे। आजादी के 72 साल बाद भी पूछा जा रहा है कि वो अपराध क्यो करते हैं ?साहूकारी के शोषण के अलावा अनैतिक कार्यों को गरीबी का कारण बताया है’