इंदौर, आकाश धोलपुरे। सीएम शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan) शुक्रवार को एक दिन के प्रवास पर इंदौर पहुंचे जहां पर उन्होने स्थानीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ ही मीडिया से भी चर्चा की। चर्चा के दौरान सीएम ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि फिलहाल बढ़े हुए बिजली बिल (electricity bill) स्थगित किए जाते हैं, और अभी उपभोक्ताओं को सिर्फ 1 महीने का बिल ही देना होगा। सीएम ने कहा कि इंदौर में वर्तमान कोरोना की परिस्थितियों को देखकर आज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ हुआ है, हालांकि यह अस्पताल संपूर्ण 14 विभागों के लिए तैयार किया गया था, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल इस अस्पताल को कोविड-19 के लिए तय किया गया है। इस दौरान सीएम शिवराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री का भी इस सौगात के लिए आभार माना।

सीएम शिवराज ने शहर में कोरोना काल को लेकर दवाइयों की उपलब्धता को बनाए रखने का आश्वासन भी दिया, साथ ही इंदौर में निजी अस्पतालों द्वारा कोरोना के इलाज के नाम पर वसूली जा रही राशि को लेकर कहा कि इंदौर से मिली कुछ शिकायतों के बाद कलेक्टर और कमिश्नर को अस्पताल प्रबंधन के साथ बात कर दरें निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसका पालन सख्ती से कराया जाएगा। साथ ही सीएम ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर कोई भी अस्पताल मनमानी फीस वसूल करेगा, तो उस पर कार्रवाई निश्चित की जाएगी।

इस दौरान सीएम शिवराज ने NEET और JEE की एग्जाम को लेकर भी अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि यह परीक्षा समय पर होनी चाहिए क्योंकि यह घमासान का नहीं बच्चों के भविष्य का विषय है। वहीं सीएम ने प्रदेश में बढ़े हुए बिजली के बिलों को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। सीएम शिवराज ने कहा कि बढ़े हुए बिजली के बिल सारे स्थगित किए जाते हैं और आगामी माह में उपभोक्ताओं को केवल 1 माह का बिजली का बिल ही भरना होगा। और बढ़े हुए बिजली के बिलों का परीक्षण कर फैसला किया जाएगा और फिलहाल में उन बिलों की वसूली नहीं की जाएगी। वहीं राजनीतिक कार्यक्रमों में कोरोना प्रोटोकॉल के पालन को लेकर भी उन्होंने कहा कि नियम सभी के लिए एक है जिसका पालन करना आवश्यक है। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (former cm kamalnath) पर निशाना साधते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि वो जब मुख्यमंत्री थे तब तो कही गये नही और जब फसलें खराब हो रही तब हमने कहा था तो वो कहते थे कि मैं तो नही जाऊंगा और घर में बैठकर ही काम करूंगा। कर्जमाफी के झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर रहे है और पेन ड्राइव दे दिया है लेकिन बैंकों को पैसे नही दिए कमलनाथ ने। पैसे बैंकों को नही दिए और पैसा मामा से मांग रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया और कहा कि 10 दिनों में किसानों का कर्ज माफ करने वाली कांग्रेस की सरकार ने 6 हजार करोड़ रुपए का कर्जमाफी के नाम पर दिया है और उनमें से कुछ पैसा सिर्फ कागज पर ही दिया है। जबकि हम अभी 3100 करोड़ रुपये फसल बीमा योजना के लिए 0 प्रतिशत ब्याज पर कर्जा और 4 हजार 5 सौ करोड़ 6 सितंबर को किसानों के खाते में फिर से डाल रहे है। कांग्रेज़ अब केवल नाटक दिखाने का काम कर रही है और अब कमेटी भेज रही है।