OBC आरक्षण पर प्रदेश सरकार की बड़ी तैयारी, सीएम शिवराज ने सोमवार को बुलाई बड़ी बैठक

भगत सिंह कुशवाहा का कहना है कि पंचायत चुनावों से ओबीसी आरक्षण के लिए पुनर्विचार याचिका दायर की गई है।

सीएम शिवराज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण (MP OBC Reservation) पर 17 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट (supreme court) में सुनवाई होनी है। इससे पहले सरकार द्वारा बड़ी तैयारी की जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने कलेक्टर (collector) के माध्यम से सभी जिलों से अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं (OBC Candidates) की संख्या की जानकारी मांगी है। जिसे सरकार 17 जनवरी को आरक्षण (reservation) के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में पेश कर सकती है। इसी बीच सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj singh chouhan) ने बड़ी बैठक बुलाई है।

17 जनवरी 2022 को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली ओबीसी आरक्षण पर सुनवाई से पहले इस मामले में सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी का पिछड़ा वर्ग मोर्चा मुख्यमंत्री का अभिनंदन भी करेगा। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगत सिंह कुशवाहा का कहना है कि पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए सीएम शिवराज लगातार प्रयास कर रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन करने के साथ ही आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए प्रदेश सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रही है।

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भगत सिंह कुशवाहा का कहना है कि पंचायत चुनावों से ओबीसी आरक्षण के लिए पुनर्विचार याचिका दायर की गई है। वहीं इसके पक्ष में आंकड़े प्रस्तुत करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से मतदाताओं की जानकारी जुटाई जा रही है।बीजेपी पिछड़ा वर्ग का कहना है कि इस जानकारी का उपयोग करके बीजेपी पिछड़ा वर्ग के लाभ के लिए करेगी इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में मतदाताओं की संख्या प्रस्तुत कर सरकार अपना पक्ष मजबूत करेगी। जुटाई जा रही जानकारी से पता चलेगा कि आरक्षण मिलने पर ओबीसी वर्ग को किस तरह के फायदे होंगे।

बता दें कि प्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट सहित राज्य शासन द्वारा प्रदेश स्तर पर चल रहे द्वन्द के बीच ओबीसी आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित राज्य शासन ने बढ़ निर्देश दिए थे। इस दौरान सभी जिले के कलेक्टर को ओबीसी मतदाताओं का सर्वेक्षण कर उनके आंकड़े प्रस्तुत करने थे। इन आंकड़ों का मतदाता गणना के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार ओबीसी वर्ग के आंकड़े पेश कर कोर्ट को आरक्षण का लाभ बताने की तैयारी करेगी।