सीएम शिवराज ने अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश, 4 हजार से अधिक गांवों को मिलेगा लाभ

सीएम शिवराज ने कहा कि साथ ही जिलों में भंडारण व्यवस्था की भी समीक्षा कर आगामी उपार्जित कार्यों की तैयारी भी की जाए।

mp cm shivraj singh

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) के ग्रामों में पेयजल योजनाओं (drinking water schemes) के संचालन को लेकर राजनीति और सहयोग प्राप्त समिति के प्रभाव से गांव में पेयजल योजना के संचालन का काम तेजी से किया जाए। इसके साथ निर्धारित कर का अंशदान भी उपयोगकर्ता से प्राप्त करने के लिए उन्हें प्रेरित करते हुए काम तेजी से किया जाए।  सीएम शिवराज (CM Shivraj) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के गांव में 1 घरों के टोटे से जल भेजने का कार्य करवाना साधारण बात नहीं है।

नागरिक की बुनियादी सुविधाओं में से एक स्वच्छ पेयजल को घर तक आपूर्ति कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना वाकई में ऐतिहासिक कार्य है। इस कार्य में तेजी लाई जाए। वहीं प्रदेश के अब तक 52 जिले में 4000 से अधिक हर घर जल घोषित ग्रामों में कार्य पूरा हो चुका है। सीएम शिवराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर हर घर जल घोषित ग्रामों में जल प्रदाय का विधिवत शुभारंभ भी किया जाना चाहिए।

सीएम शिवराज मंत्रालय में अधिकारियों (MP Officers) की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली जा रही थी। इस दौरान सीएम शिवराज निर्देश देते हुए कहा कि समूह जल प्रदाय योजना एकल ग्राम नल जल योजना के कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जाए। इसके अलावा 31 मार्च 2022 तक प्रगतिरत रिट्रोफिटिंग एकल ग्राम जल नल योजना के कार्य को भी पूर्ण किया जाए। इसके अलावा योजना पूर्ण करने के बाद लोकार्पण से अधिक से अधिक आमजन व जनप्रतिनिधियों को वर्चुअली जोड़ने के भी प्रयास किए जाएं।

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CM Shivraj ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सभी ग्राम सभाओं के आयोजन कर हर घर जल ग्रामों के भौतिक सत्यापन के साथ ही साथ उन्हें प्रमाण पत्र जारी करने फोटोग्राफर वीडियो वेबसाइट पर अपलोड किए जाएं। इसके अलावा नल की टोटी आदि न टूटे,  इसके लिए जन जागरूकता अभियान भी किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत सचिव और अन्य प्रतिनिधि जल जीवन मिशन के कार्य योजना के संधारण के लिए सहयोग प्रदान करें मैदानी अधिकारियों को सभी कार्य को पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

धान उपार्जन के संबंध में निर्देश

इतना ही नहीं अधिकारियों की कॉन्फ्रेंस में धान उपार्जन के संबंध में निर्देश देते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि किसानों से खरीदे गए धान की राशि का भुगतान समय पर किया जाए। दतिया में धान खरीदी कार्य को व्यवस्थित करने अवैध रूप से उत्तर प्रदेश जाने वाली क्रांति धान के विक्रय पर अंकुश के प्रयास को भी सीएम शिवराज ने बधाई दी है। CM शिवराज ने कहा कि इस मॉडल को अन्य जिले भी अपने सभी जिले में किसानों को आवश्यक सुविधाएं मिले। इसके साथ ही उपार्जित खाद्यान्न की राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सीएम शिवराज ने कहा कि साथ ही जिलों में भंडारण व्यवस्था की भी समीक्षा कर आगामी उपार्जित कार्यों की तैयारी भी की जाए।

फैज अहमद किदवई ने बताया कि धान के लिए 8 लाख 33 हजार 865, ज्वार के लिए 19 हजार 923 और बाजरा के लिए 51 हजार 670 कृषकों का पंजीयन किया गया। प्रदेश में 43 लाख 64 हजार 984 मीट्रिक टन धान, 32 हजार 737 मीट्रिक टन ज्वार और 11 हजार 566 मीट्रिक टन बाजरा की खरीदी की गई है। समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदी के बाद धान के लिए 4 हजार 877 करोड़, ज्वार एवं बाजरा के लिए 70 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया है।

सीएम शिवराज ने कहा कि प्रदेश में शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए बेहतर प्रयास किए जाएं। अलीराजपुर, रायसेन, नरसिंहपुर, भोपाल और रीवा में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की रैंकिंग श्रेष्ठ जिलों में शामिल है जबकि शिशु स्वास्थ्य में बुरहानपुर, रायसेन, विदिशा और उज्जैन से जिलों में शामिल है। ऐसा ही कार्य करें।